साइकोलॉजी  के अनुसार

यदि व्यक्ति ज्यादा सोता है तो वह ज्यादा उदास रहता है इसलिए इस बात का ध्यान रखें।

साइकोलॉजी  के अनुसार

डिप्रेशन में जाना overthinking का नतीजा है इस समय हमारा दिमाग उन प्रॉब्लम्स को creat करने लग जाता है जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं होता है।

साइकोलॉजी  के अनुसार

यदि कोई व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर भी ज्यादा हंसता है तो वह अपने आप को अकेला महसूस करता है।

साइकोलॉजी  के अनुसार

मनोविज्ञान के अनुसार जिन लोगों को अपनी मातृभाषा के अलावा कोई अन्य भाषा भी आती है यह लोग ज्यादा बेहतर तरीके से निर्णय लेने में सक्षम होते हैं।

साइकोलॉजी  के अनुसार

आप जितने ज्यादा ठंडे कमरे में सोएंगे रात को उतना ही ज्यादा डरावना सपना आने का चांस बढ़ जाएगा।

साइकोलॉजी  के अनुसार

किसी joke पर हंसने के लिए हमारे दिमाग को पांच अलग-अलग हिस्सों में काम करना पड़ता है।

साइकोलॉजी  के अनुसार

60% लोग अपनी लाइफ की नकारात्मक Negative चीजों से दूर भागने के लिए music सुनते हैं।

साइकोलॉजी  के अनुसार

सोने से पहले जिस आखिरी व्यक्ति का ख्याल आपके मन में आता है वह आपकी खुशी या दुख का कारण होता है।

साइकोलॉजी  के अनुसार

हमारा दिमाग जितना दिन में चलता है उससे तेज वह रात में वह भी सोते समय चलता है...

साइकोलॉजी  के अनुसार

साइकोलॉजी  के अनुसार

साइकोलॉजी  के अनुसार

इसके अलावा अकेला शरीर में सबसे ज्यादा ऊर्जा की खपत करता है।

साइकोलॉजी  के अनुसार

साइकोलॉजी  के अनुसार

साइकोलॉजी  के अनुसार

शरीर की हर कोशिकाओं पर हमारे विचारों का प्रभाव पड़ता है यदि विचारों में नकारात्मकता ज्यादा होती है...

साइकोलॉजी  के अनुसार

साइकोलॉजी  के अनुसार

तो रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है जिससे आप बहुत ज्यादा बीमार रहते हैं।

साइकोलॉजी  के अनुसार