मैं एक लड़की हूँ...

माँ ने रोक-टोक लगायी, उसे प्यार का नाम दे दिया गया

पति ने बंदिशें लगाई, उसे संस्कार का नाम दे दिया गया

पति ने थोप दिए अपने सारे सपने  और उसे वफ़ा का नाम दे दिया गया

सास ने कहा अपनी इच्छाओं को मार दो, उसे परंपरा का नाम दे दिया गया   

ससुर ने घर को कैदखाना बना दिया, उसे अनुसासन का नाम दे दिया गया

ठगी से खड़ी थी मैं जिंदगी की राहों में, और उसने किस्मत का नाम दे दिया गया 

मैं एक लड़की हूँ, क्या इसीलिए मेरी जिंदगी को जीते जी शमशान बना दिया गया