शीर्षासन के फायदे , कैसे करें एवं अन्य जानकारी – Shirshasana Benefits in Hindi

Shirshasana Benefits in Hindi : इस लेख में हम जानेंगे शीर्षासन ( Shirshasana ) एवं शीर्षासन के फायदे ( Shirshasana Benefits ) के बारे में ।  योगासनों के अभ्यास में सबसे ज्यादा अच्छा शीर्षासन को माना जाता है । इस आसन के नियमित अभ्यास से आप खुद को बहुत सारे बीमारियों से बचा सकते हैं साथ ही साथ यह आसन बालों एवं चेहरे के लिए  भी काफी फायदेमंद होता है। शीर्षासन (Shirshasana)  से ब्लड सर्कुलेशन ( रक्त संचार ) ठीक होता है जिससे शरीर को अनेक लाभ होते हैं ।


शीर्षासन का अभ्यास ( Shirshasana Steps ) शुरू में कठिन होता है लेकिन इसके फायदे भी बहुत होते हैं । आईए जानते हैं शीर्षासन के फायदे ( Benefits of Shirshasana) ,  शीर्षासन कैसे करें ( Shirshasana Steps ) ,  शीर्षासन के सावधानियां एवं नुकसान एवं अन्य जानकारी के बारे में ।

शीर्षासन क्या है ( Shirshasana in Hindi)

शीर्षासन शब्द दो शब्दों के मेल से बना हुआ है जिसमें – शीर्ष का अर्थ सिर एवं आसन का मतलब योग मुद्रा है । इस आसन का अभ्यास सिर के बल किए जाने के कारण इसे शीर्षासन कहते हैं । इस आसन को सभी आसनों का राजा माना जाता है । इस आसन के अभ्यास से ब्लड सरकुलेशन सही रहता है , ब्रेन में ब्लड फ्लो बढ़ने से दिमाग तीव्र होता है एवं पाचन प्रक्रिया भी सही रहती है । शीर्षासन से बाल तेजी से बढ़ते हैं एवं चेहरा भी साफ चमक दिखाई देती है। इस आसन के अभ्यास में पूरी बॉडी का बैलेंस सिर या हाथों पर होता है ।

शुरुआत में इस आसन का अभ्यास  किसी के देखरेख में करना चाहिए क्योंकि शुरू में बैलेंस बना पाना कठिन होता है ।
आईए जानते हैं शीर्षासन के फायदों ( Benefits of Shirshasana) के बारे में –
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शीर्षासन के फायदे ( Shirshasana benefits in Hindi )

नियमित रूप से एवं सही प्रकार से इस आसन ( Shirshasana )  का अभ्यास करने से शरीर को बहुत से प्रकार के लाभ होंगे।  जिसमें से कुछ इस प्रकार है –

1) बालों के लिए (Shirshasana for Hair)
शीर्षासन के अभ्यास के दौरान खोपड़ी को बेहतर ऑक्सीजन एवं पोषक तत्वों के साथ रक्त संचार को बढ़ावा होता है । एक स्वस्थ रक्त संचार  स्कैल्प के लिए स्वस्थ होता है जिससे बाल हेल्दी एवं मजबूत उगते हैं।

2) तनाव से राहत
इसका अभ्यास करने के दौरान जो पोजीशन बनती है वह हेडस्टैंड ( Headstand) होती है जो अपना ध्यान भीतर केंद्रित करने की अनुमति देती है। शीर्षासन का अभ्यास  लंबी , स्थिर सांस के साथ करने पर तनाव से राहत देने वाला संयोजन प्राप्त होता है ।

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3) कोर मसल्स को मजबूत बनाएं
शीर्षासन( Shirshasana ) से कोर मसल्स भी मजबूत होती है क्योंकि इसके अभ्यास के दौरान पैर को ऊपर रखने और संतुलन बनाने के लिए बहुत सारी गतिविधि जारी रहती है जिससे कोर मजबूत होता है।

4) अच्छा फोकस
अभ्यास के दौरान शरीर को उल्टा करने पर मस्तिष्क में रक्त की आपूर्ति बढ़ जाती है । इससे मस्तिष्क के कार्य करने की क्षमता बढ़ जाती है जिससे ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है ।


5) स्वस्थ त्वचा
शीर्षासन के अभ्यास (Shirshasana Steps) में ब्लड सर्कुलेशन चेहरे की ओर होता है। जिससे पोषण और ऑक्सीजन चेहरे की तरफ जाता है। जिसकी वजह से स्किन ग्लोइंग हो जाती है।

आईए जानते हैं शीर्षासन ( Shirshasana) को ठीक प्रकार से करने के बारे में

शीर्षासन कैसे करें ( Shirshasana Steps )

1) सबसे पहले किसी समतल स्थान पर बिस्तर बिछाकर वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाए । शुरू में किसी दीवार की मदद लेकर इसका अभ्यास करें।
2) दोनों हाथों की उंगलियों को वापस में फंसा लें। अब आगे की तरफ झुक के दोनों हाथों की कोहनियों को जमीन पर टिका दें।
3) आप अपने सिर को दोनों हाथों की हथेलियों के बीच धीरे से रख दें।
4) अब धीरे से अपने कूल्हे को ऊपर की ओर उठाएं और  शरीर से त्रिकोण  बनाने का प्रयास करें ।


5) एक घुटने को धीरे-धीरे छाती की तरफ उठाएं और मोड़ें , साथ ही दूसरे घुटने के साथ भी ऐसा करें ।
6) अब तक आधा हेडस्टैंड (Headstand) कर लिया है ।
7) अब अपने पूरे पैर को ऊपर उठाएं , घुटने बिल्कुल सीधे होने चाहिए ।
8) अपने हाथ और कंधे की ताकत की मदद से खुद को संतुलित रखने का प्रयास करें ।

नोट – शुरुआत में इस आसन का अभ्यास किसी के देखरेख में जरूर करें और हाफ हेडस्टैंड तक भी कर सकते हैं ।

शीर्षासन की सावधानियां (Precautions for Shirshasana in Hindi )

शीर्षासन का अभ्यास (Shirshasana Steps) करते समय बहुत से प्रकार की सावधानियां बरतनी होती है , नहीं तो शरीर को हानि पहुंच सकती है –

1) अगर हाल ही में आपके सिर , गर्दन पर चोट लगी है या सर्जरी हुई है तो इस आसन का अभ्यास आपको बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
2) रक्तचाप वाले मरीजों को इस आसन से दूर रहना चाहिए ।
3) शीर्षासन का अभ्यास किसी के देखरेख में करें ।
4) इस आसन का अभ्यास करते समय शरीर के साथ किसी भी प्रकार की जबरदस्ती ना करें ।
5) किसी भी प्रकार के दर्द उत्पन्न होने पर इस आसन को वहीं तुरंत रोक दें।

शीर्षासन से पहले यह आसन करें –

1) कर्नापीड़ासन (Ear Pressure or Knee to Ear Pose)
2) ऊर्ध्व पद्मासन ( Inverted Lotus Pose)
3) मत्यासन ( Fish Pose )

शीर्षासन के बाद यह आसन करें –

1)  बालासन (Balsana or Child Pose)
2) योगमुद्रा (Yog-Mudra)
3) पद्मासन (Padmasana or Lotus Pose)

शीर्षासन ( Shirshasana ) को कब और कितनी देर करना चाहिए

इसका अभ्यास करने का सबसे सही समय प्रातः कल सुबह है और अगर हो सके तो पूर्व दिशा की ओर मुंह करके रखकर प्रयास करें ।
शुरुआत में शीर्षासन को 30 सेकंड से 1 मिनट तक कर सकते हैं लेकिन ध्यान रहे अपने अपने शरीर के साथ किसी भी प्रकार का जबर्दस्ती ना करें । बाद में इसे नियमित अभ्यास के बाद 2 – 3 मिनट तक भी कर सकते हैं।

क्या शीर्षासन करने से बाल उगते हैं ?

इस मुद्रा में सिर में रक्त का प्रवाह तेजी से होता है. जिससे हेयर फॉलिकल्‍स में बेहतर पोषण जा रहा होता है और बालों के विकास को बढ़ावा मिलता है.जिससे बालों को झड़ने की और उनके पतला होने की परेशानी को कम होने लगती  है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न- FAQs

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निष्कर्ष – Conclusion

शीर्षासन ( Shirshasana ) एक बेहतरीन आसान है जिसके अनेक लाभ हैं जिससे शरीर के कई परेशानियों से छुटकारा पाया जा सकता है। शरीर में रक्त संचार को सही करने मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने साथ ही कई अन्य प्रकार की गंभीर समस्याओं को कम करने में शीर्षासन का नियमित अभ्यास काफी लाभदायक होता है। इस आसन को गलत तरीके से करने पर नुकसान भी पहुंच सकता है।

हम आशा करते हैं कि आपको यह लेख शीर्षासन के फायदे ( Shirshasana Benefits in Hindi) पसंद आई होगी। इस लेख में हमने शीर्षासन क्या है (Shirshasana) , शीर्षासन के लाभ(Shirshasana Benefits ) ,शीर्षासन कैसे करें ( Shirshasana Steps ) और शीर्षासन की सावधानियां के विषय में जाना। अगर आपको किसी भी प्रकार का सवाल पूछना हो या राय देनी हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं।  हमसे जुड़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया पेज को आप फॉलो कर सकते हैं ।

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यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी भी स्वास्थ्य संबंधी सलाह की जगह नहीं है। ज्ञानी वेब इसकी पुष्टि नहीं करता , किसी भी चिकित्सा निर्णय, उपचार, डाइट इत्यादि का निर्णय लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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