शीतक्रम कपालभाति के फायदे , कैसे करें , सावधानियां एवं अन्य जानकारी: Sheetkrama Kapalbhati Benefits in Hindi

Sheetkrama Kapalbhati Benefits: इस लेख में हम जानेंगे कि शीतक्रम कपालभाति (Sheetkrama Kapalbhati )के विषय में। तो आईए जानते हैं शीतक्रम कपालभाति क्या होता है ,शीतक्रम कपालभाति ( Sheetkrama Kapalbhati Benefits) से होने वाले फायदे के  बारे में , शीतक्रम कपालभाति ( Sheetkrama Kapalbhati  Steps) कैसे करें , शीतक्रम कपालभाति के सावधानियां एवं नुकसान के बारे में भी हम चर्चा करेंगे । 

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शीतक्रम कपालभाति क्या है ( Sheetkrama Kapalbhati in Hindi )  : –

शीतक्रम कपालभाति ( Sheetkrama Kapalbhati in Hindi) को हम खोपड़ी चमकाने वाली श्वास तकनीक की विविधताओं में से एक हैं । शीतक्रम कपालभाति का उल्लेख “योगिक ग्रंथ घेरण्ड संहिता” में मिलता है। शीतक्रम कपालभाति में, पानी को मुंह के माध्यम से खींचा जाता है और नाक के माध्यम से बाहर निकाला जाता है। यह नाक के अंदर, गले और ग्रसनी में फंसे श्लेष्मा को साफ करने की एक शानदार विधि है।

संस्कृत में कपाल  का अर्थ खोपड़ी और भाति का अर्थ चमकना होता है। यह खोपड़ी के गंदगी को साफ करता है और चेहरे को चमकदार बनाता है। इसका प्रशिक्षण आमतौर पर दिन की शुरुआत में ही किया जाना चाहिए।

कपालभाति प्राणायाम तीन प्रकार की होती है, एक वातक्रम कपालभाति ( Vaatkrama Kapalbhati ) ,दूसरा व्युत्क्रम कपालभाति ( Vyutkrama Kapalbhati ) और तीसरा शीतक्रम कपालभाति ( Sheetkrama Kapalbhati) । जिसमें शीतकर्म कपालभाति का उल्लेख सबसे प्रसिद्ध “योगिक ग्रंथ घेरण्ड संहिता “से लिया गया है।

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शीतक्रम कपालभाति के फायदे : Sheetkrama Kapalbhati Benefits in Hindi

शीतक्रम कपालभाति प्राणायाम ( Sheetkrama Kapalbhati  Benefits ) करने से हमारे शरीर को कई प्रकार के स्वास्थ लाभ मिलता है तो आईए हम जानें कि शीतक्रम प्राणायाम  करने के फायदे।

1. शीतक्रम प्राणायाम ( Sheetkrama Pranayam ) करने से शरीर और दिमाग को एनर्जी मिलती है और मन शांत रहता है जिससे स्ट्रेस कम होता है।

2. शीतक्रम कपालभाति नाक गुहा और गले की श्लेष्मा को साफ करने में मदद करता हैं।

3. शीतक्रम की प्रक्रिया आपकी त्वचा को चमकदार और चेहरे की झुर्रियों खत्म करने का काम करता हैं।

4. शीतक्रम  प्राणायाम ( Sheetkrama Pranayam) करने से हाइजेशन ,गैस्ट्रिक  जैसे आम पेट की बीमारियां दूर करने में काफी मददगार है।

5. यह कफ दोष को दूर करता है,  (आयुर्वेद के अनुसार ) और शरीर को उत्तम स्वास्थ्य और शक्ति प्रदान करता है।

6. जो व्यक्ति शीतक्रम प्राणायाम अपने दिनचर्या में नियमित शामिल करता है ,वह संक्रमण और बुढ़ापे पर विजय प्राप्त कर सकता है।

7. साइनस से जुड़ी बीमारी को हराने में शीतक्रम प्राणायाम काफी मददगार साबित हुआ है , वास्तव में यह प्राणायाम उन व्यक्तियों के लिए काफी फायदेमंद है ,जो साइनस की समस्या से सामना कर रहे हैं।

8. शीतक्रम  प्राणायाम पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे- एसिडिटी,  सूजन,अल्सर, गैस, जलन,  पेट दर्द और कब्ज संबंधित समस्याओं को दूर करने में मदद करता हैं।

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शीतक्रम कपालभाति कैसे करें : Sheetkrama Kapalbhati Steps in Hindi

शीतक्रम कपालभाति ( Sheetkrama Pranayam Benefits in Hindi) करने के लिए हमें विशेष रूप से इन नियमों का पालन करना होता है, तो आईए जानते है इन नियमों के बारे में।

1. शीतक्रम कपालभाति ( Sheetkrama Kapalbhati )  का अभ्यास खड़े होकर किया जाता है।

2. अभ्यास शुरू करने के लिए सबसे पहले एक गिलास गुनगुना  पानी लें । अब इस पानी को मुंह में भर ले, इसे पीना नहीं है बल्कि ऊपर खींचते हुए नाक से बाहर निकलना है ऐसा 2 से 3 तीन बार करें, फिर नाक को अच्छी तरह से सुख ले।

3. अब जीभ को मोड़े और मुड़ी हुई जीभ से बड़बड़ाहट की आवाज करते हुए पानी चूसे ।

4. मुंह में पानी भरे और कुछ क्षण तक रोक कर रखें

5. अपने धड़ को आगे की ओर झुकाए, सर को नीचे की ओर रखें और नासिक को फर्श की ओर रखें।

6. पानी को नाक के माध्यम से बाहर निकाले जो सामान्यत: गुरुत्वाकर्षण के द्वारा होना चाहिए। गले को गर्दन के पीछे की ओर मोड़ने का प्रयास करें ताकि पानी को मुंह से नासिका छिद्र तक और नासिका छिद्रों से बाहर निकलना आसान हो सके।

7. शुरुआती चरणों में आप नियमित अंतराल पर कुछ हिस्सों में पानी निकाल सकते हैं। बचे हुए पानी को मुंह से बाहर निकाल दे। जब आप विशेषज्ञ होते हैं , तो आप एक ही बार में सारा पानी बाहर निकाल सकते हैं।

8. जब तक गिलास का पानी खत्म ना हो जाए, तब तक इस प्रक्रिया को आप दोहराते रहे।

शीतक्रम कपालभाति की सावधानियां : – Precautions of Sheetkrama Kapalbhati

शीतक्रम कपालभाति प्राणायाम ( Sheetkrama Pranayam Benefits in Hindi) की कुछ सावधानियां है जो इस प्रकार से हैं :

1. कपालभाति करते समय अपने सांस लेने की गति को ना तो बढ़ाए ही और ना ही कम करें।

2. ऐसा करते समय आपका पूरा ध्यान सांस पर नहीं बल्कि पेट की गति पर  होना चाहिए।

3. कपालभाति करते समय कंधों को झुकना नहीं चाहिए।

4. सांस लेते समय पेट को बाहर की ओर रखना है और सांस छोड़ते समय पेट को अंदर की ओर रखना है।

5. यदि आपको  हर्निया  सांस लेने की बीमारी या उच्च रक्तचाप की बीमारी हैं, तो ऐसा करने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह जरूर लें।

Conclusion ( निष्कर्ष ) :

शीतक्रम कपालभाति प्राणायाम (Sheetkrama Kapalbhati Pranayam ) एक ऐसा प्राणायाम है जो हमारे मस्तिष्क को ऊर्जा प्रदान करता ही है साथ में चेहरे पर चमक लाने का काम भी यह प्राणायाम करता है। इस आसन को करने से हमारे नाक और गले में फसे श्लेष्मा को खत्म करने की यह शानदार विधि है। यह आसान हमारे शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के साथ-साथ ही कई अन्य गंभीर बीमारियों को कम करने में शीत क्रम कपालभाति प्राणायाम ( Sheetkarm kapalbhati Pranayam )  मददगार साबित हुआ है। इस आसन को गलत तरीके से करने पर नुकसान भी हो सकता है। इसलिए हमें जब भी आसान करना हो तो विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें।

हम आशा करते हैं कि हमारे द्वारा लिखा गया यह लेख शीतक्रम कपालभातिप्राणायाम ( Sheetkrama Kapalbhati Benefits in Hindi)  पसंद आई होगी। इस लेख में हमने पढ़ा की शीत क्रम कपालभाति प्राणायाम के फायदे ( Sheetkrama Kapalbhati Benefits) , शीतक्रम कपालभाति क्या है ( Sheetkrama Kapalbhati Pranayam) , शीतक्रम कपालभाति कैसे करें ( Sheetkrama Kapalbhati Steps ) , शीतक्रम कपालभाति प्राणायाम के कुछ सावधानियां के बारे में भी हमने पढ़ा।
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Disclaimer :

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी भी स्वास्थ्य संबंधित सलाह की जगह नहीं है। ज्ञानी वेब इसकी ,पुष्टि नहीं करता है, किसी भी चिकित्सा निर्णय , उपचार , डाइट इत्यादि का निर्णय लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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