Poorna Bhujangasana Benefits in Hindi – पूर्ण भुजंगासन के फायदे , कैसे करें एवं अन्य जानकारी

Poorna Bhujangasana Benefits in Hindi : इस लेख में हम जानेंगे कि पूर्ण भुजंगासन ( Poorna Bhujangasana ) और उसके फायदे ( Poorna Bhujangasana Benefits) के बारे में । पूर्ण भुजंगासन का अभ्यास करने से शरीर में लचीलापन एवं एकाग्रता में बढ़ावा होता है । इस योग के अभ्यास से हम खुद को बहुत सारी बीमारियों से बचा सकते हैं एवं  इसको करने से शरीर को अनेक लाभ होते हैं।
तो आईए जानते हैं पूर्व भुजंगासन के  फायदे ( Poorna Bhujangasana Benefits) , पूर्ण भुजंगासन कैसे करें( Poorna Bhujangasana Steps) , पूर्ण भुजंगासन के  सावधानियां ,  नुकसान एवं अन्य जानकारी के बारे में । 

पूर्ण भुजंगासन ( Poorna Bhujangasana ) को हम एक और नाम से जानते हैं जिसे “कोबरा मुद्रा “ ( Full Cobra Pose ) भी कहा जाता है।


संस्कृत में “पूर्ण” का अर्थ ” पूर्ण” ही होता है और “भुजंग “का मतलब “सर्प या  सांप “होता है। आसन का मतलब “स्थिति या मुद्रा” होता है । यह शरीर और मन को ,लचीलेपन और एकाग्रता को पूरी तरह से नई डिग्री तक बढ़ाता है ।पूर्ण भुजंगासन की विधियों ,लाभों और सुरक्षा सावधानियां को जानने से  आपको योग के साथ आपके अनुभव के स्तर की परवाह किए बिना, इस आसन को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में सुरक्षित रूप से अपनाने से शरीर स्वस्थ और निरोगी हो सकता हैं।  आईए जानते हैं पूर्ण भुजंगासन से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ ( Poorna Bhujangasana Benefits) एवं इसको अभ्यास करने के तरीकों के बारे में.

पूर्ण भुजंगासन (  poorna bhujangasan )  को ठीक प्रकार से अभ्यास करने से शरीर को कई प्रकार से स्वास्थ्य लाभ हो सकते हो सकते हैं  जिनमें मुख्य रूप से निम्न को शामिल किया गया है:


1) रीढ़ की हड्डी के लिए –
पूर्ण भुजंगासन करने से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आ जाता है जिससे रीढ़ की हड्डी को मजबूती मिलती है और जब रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है तब गर्दन में भी कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। जब रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आ जाता है तब समग्र स्वास्थ्य को लाभ पहुंचता है। यह आसन स्लिप्ड डिस्क और साइटिका के लिए उपयोगी है क्योंकि यह आसन दर्द से राहत देता है और स्लिप्ड डिस्क को भी ठीक कर सकता है।

2) पीठ के लिए –
पूर्ण भुजंगासन ( Poorna bhujangasan benefits) ऐसा आसान है जिससे पीठ के दर्द में आराम  मिलता है और पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती है जिससे पीठ की परेशानियां कम हो जाती है। पूर्ण भुजंगासन ( Cobra Pose ) को करने से कंधे और छाती खुल जाती है, जिससे बेहतर सांस लेने में सुविधा होती है और इस आसन को करने से तनाव दूर करने में मुक्ति मिलती है.

आजकल आम समस्या पीठ दर्द की बनी हुई है , इसलिए इस आसन को हमें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करना चाहिए। सामान्य दैनिक जीवन में हम आगे की ओर बहुत ज्यादा झुकते हैं, लेकिन पीछे की ओर नहीं इसलिए स्वस्थ पीठ के लिए और शरीर को सामान्य संतुलन देने के लिए इस आसन को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।

3) पेट के लिए –
पूर्ण भुजंगासन अगर हम अपनी नियमित दिनचर्या में शामिल करते हैं तो भूख को उत्तेजित करता है और पाचन को बढ़ावा देता है। यह आसन पेट फूलना और कब्ज से राहत देता है और पेट के अंगों को उत्तेजित करके शरीर के विषहरण में सहायता करता है।

पूर्ण भुजंगासन (Poorn Bhujangasana in Hindi ) या पूर्ण कोबरा ( Full Cobra Pose ) मुद्रा जिसमें महारत हासिल करने के लिए नित्य प्रति अभ्यास की आवश्यकता होती है। आसन में प्रवेश करने के लिए हमें इन चरणों का पालन करना चाहिए:

1)  पूर्ण कोबरा मुद्रा (पूर्ण भुजंगासन) से शुरुआत करें : श्वास लें , भुजंगासन ग्रहण करें। अपनी कोहनियों को अपने शरीर से सटाकर और अपने हाथों को अपने कंधों के नीचे रखते हुए अपने पेट के बल आराम करें। अपने कंधों को नीचे और कोहनी मोड़ते हुए गहरी सांस लें और सीने को जमीन से ऊपर उठाएं।

2) हाथ की स्थिति:  धीरे से अपने हाथों को जितना हो सके अपने कूल्हों के पास ले आएं। इसके लिए कुछ समय की आवश्यकता होती है, इसलिए अपना कुछ समय लें ।

3) ऊंचा उठाएं: सांस लें, अपनी भुजाएं  फैलाएं, और अपने सीने को जमीन से ऊपर उठाएं। ऐसा करने से आपकी पीठ में मजबूती आ जाएगा और आप आसन की स्थिति को पूरी तरह से करने के लिए तैयार हो जाएंगे।

4) अपने घुटनों को मोड़ें : अब सांस छोड़ें , और अपने घुटनों को मोड़कर अपनी एड़ी को अपने सिर से मिलाएं । ऐसा करने के बाद आपकी पीठ में अधिक तीव्रता आ जाती है।

5) अपने पैरों तक : अब अपने हाथों से पीछे पहुंचकर अपने पैरों को पकड़ने के लिए कोशिश करें । पीठ को गहरा करने के लिए, यदि आप अपने पैरों को पकड़ने में सक्षम है , तो धीरे से उन्हें अपने सिर तक लाएं ।

6) अवस्था को बनाए रखें : कुछ सेकेंड के लिए मुद्रा को बनाए रखें, अपने रीढ़ को ऊपर उठाने और छाती को खोलने पर जोर दें और अपने गर्दन को लंबा रखते हुए, कंधों को कानों से दूर रखें।

7) रिलीज : जैसा कि आपको हम बता दे की रिलीज का मतलब अवस्था से मुक्ति होता है। मजबूत पीठ को संतुलित करने के लिए, धीरे से अपने पैरों को छोड़े, अपनी छाती को फर्श पर छोड़े और चाइल्ड पोज ( बालासन ) में आराम करें ।

पूर्ण भुजंगासन ( Poorn bhujangasan benefits in Hindi ) के अनेक फायदे हैं , फिर भी हम  व्यक्ति को सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए :

1)  पीठ में चोट की समस्या बनी हुई है तो इस आसन को करने से बचें या फिर चिकित्सीय सलाह जरूर लें।

2)  पूर्ण भुजंगासन हो सकें , तो गर्भावस्था में ना करें फिर भी किसी स्थिति में करना पड़े तो, किसी योग प्रशिक्षक द्वारा निर्देशित किए जाने पर ही करें।
3)  भुजंगासन करते समय अगर किसी भी प्रकार का शरीर में दर्द लगे तो तुरंत आसान रोक दें।
4) माइग्रेन जैसी समस्या होने पर भी इस आसन को ना करें।
5) गर्दन और कंधे की समस्या होने पर सावधानी से आगे बढ़ाना चाहिए।

[sp_easyaccordion id=”237″]

Conclusion :
पूर्ण कोबरा मुद्रा ( Full Cobra Pose ) , जिसे पूर्ण भुजंगासन (Poorna Bhujangasana) भी कहते हैं। यह एक कठिन लेकिन फायदेमंद आसन है । शरीर में रक्त संचार को सही करने मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के साथ ही कई अन्य प्रकार की गंभीर समस्याओं को काम करने में पूर्ण कोबरा मुद्रा ( Full Cobra Pose ) का नियमित अभ्यास करने में काफी लाभदायक होता है। इस आसन को गलत तरीके से करने से नुकसान भी पहुंच सकता है।

अब हम आपसे यही आशा करते हैं कि हमारे द्वारा लिखा गया यह लेख पूर्ण भुजंगासन के फायदे (poorna bhujangasan Benefits) पसंद आई होगी । इस लेख में हमने यह जाना की पूर्ण भुजंगासन क्या है (Poorna Bhujangasan in Hindi ) , पूर्ण भुजंगासन के लाभ ( Poorna Bhujangasan Benefits in Hindi ) , पूर्ण भुजंगासन कैसे करें  (Poorna bhujangasana Steps ) और पूर्ण भुजंगासन की सावधानियां (poorna bhujangasan Precautions ) के विषय में जाना। अगर आपको किसी भी प्रकार सवाल पूछना हो या फिर राय देनी हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में आप लिख सकते हैं। आप हमसे जुड़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया पेज को फॉलो कर सकते हैं।


यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी भी स्वास्थ्य संबंधी सलाह की जगह नहीं है। ज्ञानी वेब इसकी पुष्टि नहीं करता , किसी भी चिकित्सा निर्णय, उपचार, डाइट इत्यादि का निर्णय लेने से पहले डॉक्टर की तरह सलाह जरूर लें।

यह लेख भी पसंद आएंगे : ताड़ासन के फायदे , नुकसान , कैसे करें एवं अन्य जानकारी

यह लेख भी पसंद आएंगे :पद्मासन के फायदे , नुकसान , कैसे करें एवं अन्य जानकारी 

References :

Leave a Comment