Navasana Benefits in Hindi : नवासन से करें पीठ के दर्द को बाय-बाय

Navasana benefits in Hindi : आज हम फिर एक आसन के बारे में बात कर रहे हैं जिसका नाम है नावासन ()
नावासन (Navasasana)जिसे अंग्रेजी में ‘ बोट पोज़’ ( Boat Pose ) के नाम से भी जाना जाता है। एक ऐसा योगासन है जो न केवल आपके शारीरिक स्वास्थ्य को सुधारता है बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करता है। यह आसन देखने में जितना सरल लगता है करने में उतना ही चुनौतीपूर्ण होता है इसलिए शुरुआत में इसका अभ्यास करने में थोड़ी कठिनाई हो सकती है लेकिन रोजाना अभ्यास करने से आप आसानी से इसका अभ्यास कर सकते हैं।

नावासन को करने के लिए आपको अपनी पीठ के बल लेटकर, अपने पैरों और सिर को उठाकर ‘नाव’ का आकार बनाना होता है। यह आसन ( Navasana benefits in Hindi ) आपके पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है और रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है। अगर आप उन लोगों में से हैं जो स्लिम और आकर्षक कमर चाहते हैं, तो यह आसन आपके लिए है। इसके अलावा, नावासन आपके मन को भी शांति प्रदान करता है, जिससे आपका मन शांत और मानसिक संतुलन की क्षमता में वृद्धि होती है।

यह आसन बच्चों और बड़ों, दोनों के लिए फायदेमंद है। जब बच्चे इसे करते हैं, तो वे न केवल शारीरिक रूप से मजबूत होते हैं, बल्कि उनका मानसिक विकास भी तेजी से होता है। नियमित रूप से आसान करने से सेहत को कई तरीकों से लाभ प्राप्त होता है इसलिए आप अपने बच्चों के दिमाग को  सक्रिय करना चाहते हैं तो आप भी नावासन (Navasana benefits in Hindi) का अभ्यास नियमित रूप से करा सकते हैं।

नावासन क्या है:(Navasana in Hindi)

Navasana: एक सरल और प्रभावी योग आसन हैं जिसे बोट पोज़ (Boat Pose)के नाम से भी जाना जाता है। यह एक ऐसा योगासन है जिससे आपका शरीर नाव की मुद्रा में हो जाता है।इसमें आपके शरीर का आकार एक नाव जैसा बनता है, इसीलिए इसे Navasana कहते हैं। यह योगासन प्राचीन काल से ही किया जा रहा है जिससे पेट की चर्बी कम करने से लेकर रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने तक इस योगासन के अनेकों स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। रोजाना सही ढंग से नावासन का अभ्यास करने से आपके फेफड़े मजबूत होते हैं और पेट के अंदर मौजूद अंगों को भी फायदा मिलता है। 

अगर आप नियमित रूप से इसका अभ्यास करते हैं, तो यह आपके पेट, पीठ और पैरों को मजबूत बनाने में मदद करेगा Navasana न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक संतुलन भी प्रदान करता है। जब आप इस आसन को करते हैं, तो आपको ध्यान केंद्रित होता है, जिससे मानसिक शांति मिलती है। नावासन का अभ्यास करते समय आपका शरीर अंग्रेजी के अक्षर V आकृति में बना लेता है।  नावासन आपकी लोअर बैक,बाइसेप्स और ट्राइसेप्स ,एब्स, पैर के पंजे और टखने को मजबूत बनाता है।

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Navasana Benefits in Hindi:(नावासन के फायदे)

(1) पीठ और कमर दर्द में राहत :

पीठ और कमर दर्द एक आम समस्या है जो अक्सर बैठने, उठने या गलत तरीके से वजन उठाने के कारण होती है। यहाँ कुछ सरल और प्रभावी तरीके दिए गए हैं जो आपको पीठ और कमर दर्द से राहत दिला सकते हैं।रोजाना सुबह नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। यह आपकी मांसपेशियों को लचीला बनाता है और दर्द को कम करता है। नावासन आपकी पीठ के निचले हिस्से और पेट की मांसपेशियों को लाभ पहुंचता है।

(2) वजन कम करने में मददगार

नावासन के दौरान आपका पूरा शरीर स्थिर रहता है, जिससे पेट की मांसपेशियों पर जोर पड़ता है। इससे पेट की चर्बी घटती है और मेटाबॉलिज़म तेज होता है। यह आसन वजन घटाने के लिए एक बेहतरीन आसन है। नावासन का रोजाना अभ्यास करने से आपके पेट और साइड की चर्बी कम होती है। आज के समय में असंतुलित आहार की वजह से अनको बीमारियों से लोग ग्रसित हैं इससे आप नावासन का अभ्यास( Navasana benefits in Hindi ) करके आप आसानी से पेट और साइड की चर्बी को कम कर सकते हैं।

(3)पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाना

\इस आसन को करने से आपके पेट की मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं, जिससे पेट के बल ताकत बढ़ती है। नावासन आपके कोर मसल्स को टोन करता है जिससे आपकी फिटनेस में सुधार होता है। नावासान को करने से पाचन क्रिया तंदुरुस्त होती है। नावासन में आपके पेट और साइड की मांसपेशियां स्ट्रेच होती हैं जिससे आपको वजन कम करने और पेट की चर्बी को कम करने में मदद मिलता है।

(4)संतुलन और स्थिरता में सुधार

नावासन करते समय आपको अपने शरीर को संतुलित करना होता है, जिससे आपके संतुलन और स्थिरता में सुधार होता है। इस आसन के नियमित अभ्यास से आपका शरीर अधिक स्थिर और संतुलित महसूस करता है। निरंतर और सही अभ्यास से नावासन से शरीर में आत्मविश्वास बढ़ता है और संतुलन सुधरता है। इस आसन को नियमित रूप से करने से आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होती है  क्योंकि इससे (Navasana benefits in Hindi) आपके शरीर की क्षमता बढ़ती है नावासन आपके हाथ में सम्मान और आत्मविश्वास को मजबूती प्रदान करता है जो आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

(5) मन को शांत करना

यह आसन ध्यान के लिए बहुत अच्छा है। नावासन करते समय गहरी सांसें लेने से मन शांत होता है और तनाव कम होता है। यह मानसिक शांति प्रदान करता है और आपकी मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
स्वस्थ जीवन शैली अपनाने से भी मानसिक शांति प्राप्त की जा सकती है नियमित व्यायाम, सही आहार और पर्याप्त नींद से मन और शरीर दोनों स्वस्थ रहते हैं।

(6) पाचन में सुधार

यह आसन पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, जिससे भोजन जल्दी पचता है और पेट की समस्याओं में राहत मिलती है। नावासन आपके पाचन को सुधारने के लिए एक बेहतरीन तरीका हैं। नावासन करने से पेट की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं जिससे पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद मिलती है। यह आसन पेट में रक्त संचार को बढ़ाता है जिससे पाचन अंगों को अधिक ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलते हैं जिससे ( Navasana benefits in Hindi ) वह अधिक प्रभावित तरीके से काम कर सकते हैं।

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7) रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाना

नावासन करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और इससे पीठ दर्द में राहत मिलती है। इस आसन के दौरान रीढ़ की हड्डी सीधी और स्थिर रहती है जिससे इसकी मांसपेशियां को और अधिक  मजबूती मिलती है नियमित अभ्यास ( Navasana benefits in Hindi ) से शरीर की हड्डी की संरचना मजबूत होती है और पीठ दर्द की समस्या कम होती है।

8) कूल्हों को मजबूत बनाना

यह आसन कूल्हों की मांसपेशियों को भी मजबूत बनाता है, जिससे चलने और दौड़ने में मदद मिलती है। नावासन ( Navasana benefits in Hindi) आपकी कूल्हों की ताकत और और स्थिरता एवं संतुलन प्रदान करता है जिससे उनकी ताकत और लचीलापन बढ़ता है नियमित अभ्यास से कुल्लू की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और चोट लगने की संभावना कम हो जाती है।

9) अन्य लाभ

इस आसन को नियमित रूप से करने से आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, क्योंकि इससे आपके शरीर की क्षमता बढ़ती है। नावासन का अभ्यास( Navasana kaise karte hai)करने से शारीरिक और मानसिक लाभ मिलते हैं। यह आसन आपके मां को शांति और सुकून प्रदान करता है जिससे आपकी मानसिक स्थिति बेहतर होती जाती है जिससे आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।

Navasana Kaise Karte Hain : नावासन करने का तरीका

नावासन (Boat Pose) एक महत्वपूर्ण योग आसन है जो पेट, रीढ़ की हड्डी, और कूल्हों की मांसपेशियों को मजबूत करता है। इसे सही ढंग से करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

प्रारंभिक स्थिति

(1) शुरुआत : सबसे पहले एक योग मैट पर बैठें और अपने पैरों को सीधे आगे की ओर फैलाएं।

(2) सहजता: अपने हाथों को अपने कूल्हों के पास जमीन पर रखें। यह स्थिति आपको संतुलन बनाने में मदद करेगी।

आसन में आना

(1)घुटनों को मोड़ें:  अपने घुटनों को मोड़ें और अपने पैरों को फर्श से थोड़ा ऊपर उठाएं।

(2)शरीर को झुकाएं: धीरे-धीरे अपने शरीर को पीछे की ओर झुकाएं ध्यान रखें कि आपकी पीठ सीधी रहे।

(3)पैर उठाएं: अपने पैरों को सीधा करें ताकि आपका शरीर एक ‘V’ आकार का हो जाए। आपके शरीर का संतुलन आपकी कूल्हों पर होना चाहिए।

संतुलन बनाए रखना

(1)हाथों की स्थिति: अपने हाथों को घुटनों के समानांतर सीधा रखें। आप चाहें तो अपने हाथों को अपने पैरों के पास भी रख सकते हैं।

(2)संतुलन: इस स्थिति में बने रहें और अपनी साँसों को नियंत्रित करें। गहरी सांस लें और धीरे-धीरे छोड़ें।

स्थिरता और समय:

(1) समय: इस स्थिति में 10 से 20 सेकंड तक रहें। जैसे-जैसे आपकी क्षमता बढ़ेगी आप इस समय को बढ़ा सकते हैं।

आप अधिक जानकारी के लिए इस वीडियो का सहारा ले सकते हैं।

Precautions of Navasana : नवासन करते समय सावधानियाँ

नावासन करते समय कुछ सावधानियाँ बरतनी चाहिए इसके महत्वपूर्ण बिंदु इस प्रकार हैं:

  • अगर आपकी कमर में दर्द या पहले से चोट लगी है तो नावासन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इसे करने से कमर पर दबाव पड़ता हैं।यदि आप की रीढ़ की हड्डी में चोट, हर्निया, घुटने या गर्दन की समस्या से ग्रसित है तो इस आसन को करने से बचें।
  • गर्भावस्था में गर्भवती महिलाओं को नावासन से बचना चाहिए क्योंकि इससे पेट पर दबाव पड़ सकता है और गर्भावस्था में परेशानी हो सकती है।और मासिक धर्म में इस योगासन को करने से बचें।
  • यदि आपको उच्च रक्तचाप की समस्या है तो इस आसन को करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श लें। यह आसन रक्तचाप को प्रभावित कर सकता है और चक्कर आने पर आसन बदल सकते हैं।
  • हृदय रोगियों के लिए नावासन उचित नहीं है। इससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
  • अगर आपको संतुलन बनाने में दिक्कत होती है, तो शुरुआत में किसी दीवार या सहारे का उपयोग करें। धीरे-धीरे संतुलन में सुधार होगा। संतुलन बनाने पर आप खुद भी यह आसन कर सकते हैं।
  • घुटनों में दर्द या किसी भी प्रकार की समस्या होने पर नावासन से बचें। इससे घुटनों पर जोर पड़ता है। अगर आपको दर्द या पैरों में कंपन महसूस हो तो आसान छोड़ दे।
  • अगर आपका हाल ही में पेट का ऑपरेशन हुआ है तो इस आसन को करने से पहले पूरी तरह से स्वस्थ हो जाएँ या फिर डॉक्टर की सलाह के बिना इस आसन को न करें।

नावासन करते समय आराम से और धैर्य के साथ अभ्यास करें। अचानक झटके से आसन न करें।थोड़ी सी सावधानी बरतने से आप नवासन का पूरा अभ्यास कर सकते हैं और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।

FAQS:

नावासन से कौन सा रोग ठीक होता है?

नावासन पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और कब्ज को ठीक करता है। यह पाचन संबंधी विकारों को दूर करने में मदद करता है।

नावासन कितने मिनट तक करना चाहिए?

नावासन 5 मिनट तक करना चाहिए और इसे खाली पेट करना चाहिए।

नावासन को अन्य किस नाम से जाना जाता है?

नावासन को नाव मुद्रा और अंग्रेजी में बोट पोज (Boat Pose) के नाम से भी जाना जाता है।

नावासन से क्या लाभ होता है?

नावासन को करने से कोर पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करता है और रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन में सुधार करता है।

नावासन से किसे बचना चाहिए?

नावासन को करने से निम्न लोगों को बचना चाहिए जैसे रक्तचाप ,गंभीर सिरदर्द ,माइग्रेन या यदि आप हाल में ही किसी पुरानी बीमारियां रीढ़ की हड्डी के विकारों से पीड़ित हो।

Conclusion: (निष्कर्ष)

नावासन को “नाव मुद्रा” कहा जाता है क्योंकि अंतिम स्थिति में शरीर नाव की तरह दिखाई देता है यह एक मध्यवर्ती स्तर का आसान है जहां व्यक्ति अपनी सांस और शारीरिक गतिविधियों पर नियंत्रण प्राप्त कर लेने में समर्थ होता है। नावासन अपने साथ अनेकों लाभ प्रदान करता है और जो लोग इस योगासन का नियमित अभ्यास करते हैं वे स्वस्थ जीवन शैली को बनाए रखने  में लाभकारी सिद्धि ( Navasana benefits in Hindi ) प्राप्त कर लेते हैं।

इस आसान को अपने फिटनेस रूटीन में शामिल करने से आपको अनेकों लाभ मिल सकते हैं, जैसे गैस की समस्या से राहत, कोर को मजबूत करना, पाचन में सुधार और तनाव को कम करना नियमित अभ्यास( Navasana steps in Hindi)से पेट की मांसपेशियों को रीढ़ की मांसपेशियों कूल्हे और श्रेणी को मजबूत करने के साथ-साथ शारीरिक संतुलन की भावना पैदा  करने में मदद करता है। कुल मिलाकर कहा जाए तो यह एक बेहतरीन स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज है।

हमें आशा है कि हमारा यह लेख नावासन के फायदे  (Navasana benefits in Hindi) आपको पसंद आए होंगे अगर आपको किसी भी प्रकार का सवाल पूछना हो या अपनी राय देनी हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं, हमसे जुड़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया को आप फॉलो कर सकते हैं

Disclaimer :

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी भी स्वास्थ्य संबंधी सलाह की जगह नहीं है। ज्ञानी वेब इसकी पुष्टि नहीं करता। किसी भी चिकित्सा निर्णय, उपचार, डाइट इत्यादि का निर्णय लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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