पद्म पर्वतासन ( कमल पर्वत आसन ) के फायदे , कैसे करें एवं अन्य जानकारियां : Lotus Mountain Pose in Hindi

Lotus Mountain Pose in Hindi : पद्म पर्वतासन योग में  (कमल पर्वत मुद्रा  ) का विवेचन ‘ स्वामी सत्यानंद सरस्वती ‘ की पुस्तक ” आसन प्राणायाम मुद्रा बंध”  में वर्णित आसनों के उन्नत समूह का एक हिस्सा है जो पहले से ही बहुत स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य को और बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है ।
चिंतन मनन के लिए यह सर्वोत्तम आसन है। पद्म  पर्वतासन ( Padma Parvatasana Benefits )   दुबले पतले व्यक्तियों के साथ-साथ युवाओं के लिए भी उपयुक्त है ।यह आसन महिलाएं भी बैठकर कर सकती हैं ।

तो आईए जानते हैं  आज हम अपने लेख के माध्यम से आपको बताएंगे कि पद्म पर्वतासन कैसे करें ( Padma Parvatasana Steps) पद्म पर्वतासन के फायदे ( Padma Parvatasana Benefits ),  इसके  सावधानियां ( Lotus Mountain Pose Precautions in Hindi ) एवं अन्य जानकारी के बारे में ।

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पद्म पर्वतासन क्या है ( Lotus Mountain Pose in Hindi )

संस्कृत में” पद्म “का अर्थ है ” कमल” ,” पर्वत ” का अर्थ है  “पर्वत ” आसन का अर्थ है “मुद्रा”.  अंग्रेजी में इसको कहा जाता है  “लोटस माउंटेन पोज ” ( Lotus Mountain Pose )
जब आसन का प्रदर्शन किया जाता है तो यह एक प्रकार से कमल का स्वरूप प्रस्तुत करता है । इसलिए इसका नाम पद्मासन ( Padmasana ) पड़ा। इसे कमलासन के नाम से भी जाना जाता है। जप और ध्यान के लिए निर्धारित चार आसनों में पद्मासन सबसे महत्वपूर्ण है ।चिंतन मनन के लिए यह सर्वोत्तम आसान है । घेरेंडा और अन्य ऋषि इस महत्वपूर्ण आसन की बहुत प्रशंसा करते हैं । इस योगासन का अभ्यास सभी युवाओं के लिए लाभदायक साबित होता है ।

पद्म  पर्वतासन  करने के फायदे – ( Padma Parvatasana Benefits )

1.  यह योगासन पाचन को उत्तेजित करता है ।
2. शरीर को पूरी तरह से लंबे समय तक स्थिर रखने की अनुमति देता है।
3. पद्म पर्वतासन प्राण को पेरीनेम में मूलाधार चक्र से सिर में  सहस्त्रासर चक्र तक निर्देशित करता है जो ज्ञान के अनुभव को बढ़ाता है।
4.  इस आसन के अभ्यास (Padma Parvatasana Steps)के दौरान शरीर का पूरा वजन दोनों पैरों के घुटनों पर होता है जिससे घुटने मजबूत तथा सख्त बनते रहते हैं।


5.  इस आसन के करने से निचली रीढ़ पर दबाव डालता है और इस प्रकार तंत्रिका तंत्र को आराम देता है जिससे सांस धीमी हो जाती है  l मांसपेशियों का तनाव कम हो जाता है और रक्तचाप कम हो जाता है ।
6.  यह आसन मस्तिष्क संबंधी दोष एवं नाड़ी दोष ठीक करता है।
7. इस योगासन के करने से टखनो और घुटनों में खिंचाव लाता है ।
8. पद्म पर्वतासन ( Lotus Mountain Pose in Hindi )  करने से संतुलन की भावना विकसित होती है और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करती है ।

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पद्म पर्वतासन कैसे करें ( Padma Parvatasana Steps )

1) सर्वप्रथम अपने आसन पर पद्मासन ( Padmasana ) में बैठ जाएं ।
2) अब अपने दोनों हाथों के सहारे आगे की तरफ झुकते हुए अपने नितंबों को उठाइए ।
3) अब संतुलन बनाते हुए अपने दोनों घुटनों पर खड़े होने का प्रयत्न कीजिए   
4) अब अपने दोनों हाथों को नमस्कार की मुद्रा में ले  आइए।


5) अभ्यास के दौरान कमर और मेरुदंड एकदम सीधा रखें ।
6) अब यही क्रम दूसरे पर से भी दोहराएं एवं पैरों को बदलते हुए उतने ही समय के लिए करें जितना समय पहले स्थिति में लिया गया था ।
7) इस आसन के अभ्यास के लिए अत्यधिक संतुलन की आवश्यकता पड़ती है , अतः इस आसन के अभ्यास ( Padma Parvatasana Steps ) के दौरान किसी दीवार का सहारा ले ।

पद्म पर्वतासन की सावधानिया ( Lotus Mountain Pose Precautions in Hindi )

1) पद्म पर्वतासन (Lotus Mountain Pose in Hindi ) को मध्यवर्ती से उन्नत मुद्रा माना जाता है पर्याप्त पूर्व अनुभव के बिना या जब तक आपके पास किसी अनुभवी शिक्षक की देखरेख न हो इस आसन को न करें ।
2) अपनी क्षमता से अधिक देर तक या जबरदस्ती इस आसन को न करें ।
3) इस योगासन को करते समय पैरों की स्थिति बदलकर अवश्य करें ताकि शरीर के अंगों का विकास समान रूप से हो सके ।


4) पद्म पर्वतासन करते समय मेरुदंड , गर्दन व सिर सीधे रखें।
5 )इस योगासन ( Padma Parvatasana Steps ) को करते समय साइटिका और घुटनों के तीव्र दर्द से पीड़ित व्यक्ति यथासंभव इस योगासन को नियमित कर सकता है ।
6) अगर आपके घुटनों में दर्द है तो पहले पवनमुक्तासन योगासन को करने का प्रयास करें।

निष्कर्ष (  Conclusion )

पद्म पर्वतासन (Lotus Mountain Pose in Hindi)  चिंतन मनन और दुबले – पतले व्यक्तियों के साथ – साथ युवाओं के लिए और महिलाओं के लिए भी यह आसन  है काफी मददगार साबित होता है । इस आसन के करने से पाचन को उत्तेजित करता है एवं शरीर को लंबे समय तक स्थिर रखने में मदद करता है ।

यह आसान तंत्रिका तंत्र संबंधी मांसपेशियों एवं रक्तचाप को कम करने और नाड़ी संबंधी दोषों को दूर करने में सहायता प्रदान करता है साथ ही साथ हमारे मन को एकाग्र करने में लाभदायक होता है अगर इस आसन को नियमित अभ्यास ( Padma Parvatasana Steps )  किया जाए तो काफी लाभप्रद साबित हो सकता है परंतु यह आसन किसी प्रशिक्षित शिक्षक की देखरेख में ही करना चाहिए नहीं तो इससे नुकसान भी हो सकता है ।

हम आशा करते हैं कि हमारे द्वारा लिखा गया यह लेख पद्म पर्वतासन  ( Lotus Mountain Pose Precautions in Hindi ) आपको अच्छा लगा होगा । हमने पद्म पर्वतासन कैसे करें , पद्म पर्वतासन की कुछ सावधानियां (Lotus Mountain Pose Precautions in Hindi) के विषय में हमने जाना है अगर आपको किसी भी प्रकार का सवाल पूछना हो या फिर अपनी राय देनी हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं हमसे जोड़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया पेज को फॉलो कर सकते हैं ।

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