Dolasana Benefits in Hindi :  डोलासन के फायदे , कैसे करें , सावधानियां एवं अन्य जानकारी 2024

Dolasana Benefits in Hindi : इस लेख में हम जानेंगे कि डोलासन क्या है , डोलासन के बारे में, डोलासन के फायदे आदि। डोलासन के नियमित अभ्यास से आप खुद को बहुत सारी बीमारियों से बचा सकते हैं, साथ ही साथ यह आसान पीठ की मांसपेशियों और रीढ़ को फैलाता है। यह तांत्रिक , लसीका और प्रजनन प्रणाली को उत्तेजित करती हैं। तो आईए अब हम जानते हैं डोलासन के फायदे ,  डोलासन क्या है ( Pendulum Pose in Hindi ) , डोलासन कैसे करें (Dolasana Steps ) , सावधानियां ( Pendulum Pose Precautions in Hindi ) , एवं अन्य जानकारी  के बारे में ।

डोलासन क्या है (Pendulum Pose in Hindi)

डोलासन संस्कृत शब्द है  जहां “डोल”  का अर्थ है “झूलना” या फिर “दोलन करना”  और “आसन” का अर्थ है “मुद्रा” । इस आसन का अभ्यास ( Dolasana Steps )  करते समय शरीर एक पेंडुलम की तरह घूमता है इसलिए इसे “डोलासन” या “पेंडुलम पोज” ( Pendulum Pose ) भी कहा जाता है। डोलासन रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन में सुधार के लिए उत्कृष्ट है। डोलासन प्राणायाम ( Dolasana Pranayama ) करने से तांत्रिक लसीका और प्रजनन प्रणाली को उत्तेजित करती है। अन्य आसनों की तरह डोलासन भी सबसे अच्छा आसन माना जाता है। [Dolasana Benefits in Hindi]

डोलासन के फायदे (Dolasana Benefits in Hindi)

डोलासन प्राणायाम ( Dolasana Pranayama )  करने से हमारे शरीर के साथ-साथ  सिर और चेहरे पर रक्त संचार बेहतर होता है। कॉविड जैसी महामारी से बचने के लिए हमें अपनी दिनचर्या में प्राणायाम को शामिल जरूर करना चाहिए।

1 )  पीठ के लिए
पीठ के लचीलेपन को बढ़ाता है। यह योग मुद्रा ( Pendulum Pose in Hindi ) सइटिका जैसी पीठ के निचले हिस्से की बीमारियों के इलाज में मदद करती है।

2) रीढ़ कि हड्डियों के लिए
यह प्राणायाम रीढ़ की हड्डी की नसों को टोन करता है और डोलसन रीढ़ की हड्डी को लंबा करता है।

3) सिर के लिए
डोलासन के नियमित अभ्यास ( Dolasana Steps in Hindi )  से मन शांत होता है सिरदर्द  , अनिद्रा और  थकान से राहत मिलती है

4) चेहरे के लिए
डोलासन का अगर नियमित रूप से अभ्यास किया जाए तो चेहरे में रक्त परिसंचरण में सुधार होता है । जिससे चेहरे का  स्किन ग्लोइंग और स्वास्थ्य दिखाई देता है।

5) अन्य लाभ
डोलासन या पेंडुलम प्राणायाम करने से अस्थमा  जैसे फेफड़ों के विकारों के लिए फायदेमंद है । मासिक धर्म के दर्द और लक्षणों के इलाज में भी मदद करता है। पाचन तंत्र में सुधार और कब्ज से छुटकारा पाने में मदद मिलता है।
डोलसन या पेंडुलम का अभ्यास पूरे शरीर विशेषकर हाथ, पैर, कंधे और पैरों को मजबूत बनाने में काफी मददगार साबित हुआ है। यह शरीर को तारोताजा कर देता है और आपको ऊर्जावान महसूस कराता है । [Dolasana Benefits in Hindi]

डोलासन कैसे करें  ( Dolasana Steps in Hindi )

डोलासन या पेंडुलम का अभ्यास करने से सबसे पहले आपको ताड़ासन ( Tadasana) या पाम ट्री पोज में खड़े होना होगा।

1 ) डोलासन का अभ्यास करने के लिए  फर्श पर या योगा मैट पैरों को लगभग एक मीटर की दूरी पर रखकर खड़े हो जाएं। [Dolasana Benefits in Hindi]

2) बाजू को ऊपर उठाएं और कोहनियो को बगल की ओर रखते हुए उंगलियों को गर्दन के पीछे फंसा ले ।

3) सुनिश्चित करें कि इस डोलासन की मुद्रा ( Pendulum Pose in Hindi )  में आते समय आपकी कोहनी बगल की ओर हो। [Dolasana Benefits in Hindi]

4 ) इस स्थिति में गहरी सांस लें और थोड़ा दाहिने और मुड़े।

5 ) दाहिनी और मुड़ने के बाद गहरी सांस को छोड़े।

6 ) अब पैरों को जमीन पर मजबूती से टिकाकर रखते हुए आगे की ओर  झुके ।

7 ) झुकते समय आपके पैर जमीन पर मजबूती से टीके होने चाहिए ताकि आप लड़खड़ाने से बच सके।

8 ) सर को दाहिने घुटने के जितना आरामदायक हो उतना करीब लाएं

9 ) पूरे अभ्यास ( Dolasana Steps in Hindi )  के दौरान पैर सीधा रहना चाहिए ऊपरी धड़ को दाएं से बाएं घुटने तक और फिर दाएं घुटने तक घुमाए। इसी प्रक्रिया को तीन बार दोहराएं।

10 ) केंद्र पर वापस आए और  खड़े हो जाएं। बाएं घुटने से शुरू करते हुए प्रक्रिया को दोहराएं।

डोलासन प्राणायाम की सावधानियां ( Pendulum Pose Precautions in Hindi )

1) यदि आप उच्च रक्तचाप से पीड़ित है  तो आपको डोलासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

2) गर्भवती महिला को डोलासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

3) इस प्राणायाम ( Pendulum Pose in Hindi ) को करते समय अपने सिर  को घुटनों से छूने के लिए बाध्य ना करें। [Dolasana Benefits in Hindi]

4) हर्निया जैसी बीमारी में डोलासन प्राणायाम का अभ्यास ( Dolasana Steps in Hindi ) नही किया जाना चाहिए।

5) यदि आपके कंधे में कोई चोट है जैसे कि कंधे का खिसकना या फिर कंधे में दर्द, तो आपको डोलासन का अभ्यास न करने की सलाह दी जाती है। [Dolasana Benefits in Hindi]

डोलासन प्राणायाम ( Dolasana Pranayama )  को कब और कितनी देर करना  चाहिए

खाली पेट के साथ किसी आसन को करना सबसे अच्छा माना जाता है इसलिए डोलासन का अभ्यास सुबह के समय करना उचित होगा क्योंकि हमारा शरीर सक्रिय और  तरोताजा बना रहता है। [Dolasana Benefits in Hindi]

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Conclusion ( निष्कर्ष )

डोलासन एक बेहतरीन आसान है इसके अनेक लाभ है जिससे शरीर की कई परेशानियों से राहत पाया जा सकता है। शरीर में शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान होता है। कई अन्य प्रकार की गंभीर समस्याओं को कम करने में मदद मिलती है। “डोलासन” या “पेंडुलम” का अभ्यास ( Dolasana Steps in Hindi )  हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होता है। इस आसन को गलत तरीके से करने पर नुकसान भी हो सकता है। [Dolasana Benefits in Hindi]
        
हम आपसे यही आशा करते हैं कि हमारे द्वारा लिखा गया यह लेख डोलासन के फायदे ( Dolasana Benefits in Hindi ) पसंद आया होगा। इस लेख में हम डोलासन या पेंडुलम के बारे में ( Pendulum Pose in Hindi ) , डोलासन की सावधानियां ( Pendulum Pose Precautions in Hindi ) , डोलासन को कैसे करें  आदि विषय के बारे में जानकारी प्राप्त किया गया है। अगर आपको किसी भी प्रकार का सवाल पूछना हो या फिर अपनी राय देनी हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं। हमसे जुड़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया पेज को आप फॉलो कर सकते हैं। [Dolasana Benefits in Hindi]

Disclaimer

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं और किसी भी स्वास्थ्य संबंधी सलाह की जगह नहीं है। ज्ञानी वेब इसकी पुष्टि नहीं करता। किसी भी चिकित्सा निर्णय ,उपचार, डाइट इत्यादि का निर्णय लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें |

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