अर्द्ध उष्ट्रासन के फायदे, कैसे करें  एवं अन्य जानकारियां- Ardha Ushtrasana Benefits in Hindi

Ardha Ushtrasana Benefits in Hindi :  इस लेख में हम जानेंगे कि अर्ध उष्ट्रासन क्या है , अर्ध उष्ट्रासन के बारे में, अर्द्ध  उष्ट्रासन के फायदे आदि। इस आसन के नियमित अभ्यास से आप खुद को बहुत सारे बीमारियों से बचा सकते हैं, साथ ही साथ हैं यह आसन हड्डियों मांसपेशियों आदि प्रकार से शरीर को अनेकों लाभ पहुंचाते हैं।
तो आईए जानते हैं अर्द्ध उष्ट्रासन के फायदे,(Ardh Ushtrasana Benefits)  अर्ध उष्ट्रासन क्या है ? कैसे करें
( Ardh Ushtrasana Steps) सावधानियां ,नुकसान एवं अन्य जानकारी के बारे में  ।

यह आसन संस्कृत शब्दों से आता है।  “ardha” , जिसका अर्थ है- “आधा,” ustra”, जिसका अर्थ है ऊंट , और आसन का अर्थ है – ” योग मुद्रा ” अंग्रेजी में  ardha ushtrasana जिसका अर्थ ‘ आधा ऊंट मुद्रा’ पोज का हल्का संस्करण है। यह पूर्ण उष्ट्रासन, पूर्ण ऊंट मुद्रा के लिए प्रारंभिक मुद्रा है । यह मुद्रा न्यू ट्रेनर के लिए अधिक उपयुक्त है ।
अर्द्ध उष्ट्रासन को हाफ कैमल पोज ( Half Camel Pose ) के नाम से भी जाना जाता है ।

यह लेख भी पसंद आएंगे :शीर्षासन के फायदे , नुकसान , कैसे करें एवं अन्य जानकारी –

मूल बातों को ध्यान में रखते हुए आइए ,अब हम अर्द्ध उष्ट्रासन के  लाभों पर चर्चा करेंगे ,जो इस आसन को हमारे शरीर के लाभदायक बना देगा .
अर्द्ध उष्ट्रासन के  कुछ  लाभ  हैं –



1.   रक्त दाब के लिए

इस आसन को करने के लिए रक्तचाप को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकते हैं । स्वास्थ्य पर आसन के प्रभाव का मूल्यांकन के लिए एक अध्ययन किया गया इस अध्ययन से पता चला है कि अर्द्ध उष्ट्रासन रक्तचाप को कम करने में मदद कर सकता है और इस आसन के नियमित अभ्यास से उच्च  रक्त चाप को प्रबंध करने में मदद करता है।


हालांकि की हमें अधिक इस आसन को करने के लिए और अधिक प्रमाण की आवश्यकता है ,इसलिए उचित उपचार के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श की सलाह लें और अकेले इस आसन पर भरोसा ना करें।
अर्द्ध उष्ट्रासन  ( Half Camel Pose )  का अभ्यास एक योग्य प्रशिक्षक की देखरेख में किया जाना चाहिए।



2. मोटापे  के  लिए
इस योगासन को करने से हमारे शरीर में अनेक प्रकार की निष्क्रिय और एक गतिहीन जीवन शैली हमारे शरीर की चर्बी को बढ़ाती है। जिससे हमारा शरीर अधिक वजन और मोटापे से ग्रस्त हो जाता है । हम इस योगासन का समर्थन करते हैं कि व्यायाम और  योग करने से शरीर में वसा की कमी हो सकती है ।शरीर का वजन भी काम हो सकता है और मोटापे को प्रतिबंध किया जा सकता हैं। हालांकि इस योगासन ( Half Camel Pose )को करने से पहले अपने नजदीकी चिकित्सा से परामर्श लेना उचित होता है ।


3. थायराइड  ग्रंथि  के  लिए
थायराइड  ग्रंथि एक महत्वपूर्ण महत्वपूर्ण हार्मोन शरीर के चयापचय , विकास और शारीरिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे पता चलता है कि इस योगासन से थायराइड ग्रंथि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है । अर्द्ध उष्ट्रासन ( Ardha Ushtrasana) जैसे योगासन थायराइड ग्रंथि को एक उत्कृष्ट खिंचाव प्रदान कर सकते हैं और इसके कामकाज में सुधार कर सकता है हालांकि किसी भी थायराइड व्यक्ति  के लिए उचित उपचार के लिए डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है और यह योग एक प्रशिक्षक की देखरेख में अभ्यास करें ।


4.   हड्डी के लिए
यह रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन में सुधार करता है और कुबड़ पीठ सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस  की अन्य बीमारियों के लिए लाभदायक होता है ।

5. श्वास के लिए 
हाफ कैमल पोज ( Half Camel Pose )  श्वसन अंगों को फैलाता है और उत्तेजित करता है । यह अस्थमा  ब्रोंकाइटिस और अन्य श्वसन विकारों जैसी स्थितियों में भी मदद करता है ।


6. अन्य फायदे –
इस आसन के अभ्यास से हाइट बढ़ाने में भी मदद मिल सकती  है ।
अर्द्ध उष्ट्रासन ( Ardh Ushtrasana Benefits ) चक्र को सक्रिय कर सकती है जो छाती को खोलती हैं।

Step 1.  सबसे पहले घुटनों के बल बैठ जाएं एवं पंजे पीछे की ओर फर्श को स्पर्श कर रहे हों। ध्यान रहे घुटनों और पैरों के बीच एक फिट की दूरी रहे।
Step 2. अब सांस लें और पीछे की हो झुकें । ध्यान रहे पीछे झुकते समय गर्दन को झटका ना लगने पाए ।
Step 3. दोनों हाथों को कमर के पास रखते हुए सिर को पीछे झुका दें। ध्यान रहे कि शरीर का भार  पैरों और भुजाओं पर समान रहे ।
Step 4. अब गहरी  सांस लें और छोड़ें  और इसी मुद्रा में खुद को 20- 40 सेकंड रोक कर रखें ।
Step 5. आखिर में गहरी सांस छोड़ते हुए अपनी पहली स्थिति में आ जाए।

1) गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बड़े वयस्कों को इस आसन को करने से पहले उचित सावधानी बरतनी चाहिए ।

2) हाफ कैमल पोज गर्भवती महिलाओं के लिए नहीं है ।इसके अलावा जिन लोगों को हर्निया और रीढ़ की अन्य समस्याएं जैसी  स्वास्थ्य,मानसिक ,शारीरिक है उन्हें इस अभ्यास को करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए ।

3) किसी भी प्रकार की पीठ की बीमारियों के मामले में अर्द्ध उष्ट्रासन से बचना चाहिए ।

4) सर्जरी और फैक्चर  के व्यक्तियों को इस आसन को करने से बचा जाना चाहिए।जिसको अधिक थकावट या बीमारी की स्थिति हो उस व्यक्ति को भी इस आसन को नहीं करना चाहिए ।

खाली पेट के साथ किसी आसान को करना सबसे अच्छा है माना जाता है । अर्द्ध उष्ट्रासन अभ्यास करने का सबसे अच्छा समय सुबह है क्योंकि हमारा शरीर सक्रिय और ताजा रहता है ।

[sp_easyaccordion id=”298″]

अर्द्ध उष्ट्रासन (Ardha Ushtrasana Benefits in Hindi) एक बेहतरीन आसान है।इसके अनेक को लाभ है ।जिससे शरीर के कई परेशानियों से राहत पाया जा सकता है ।शरीर में शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान होता है। कई अन्य प्रकार की  गंभीर समस्याओं को कम करने में मदद मिलती है । अर्द्ध उष्ट्रासन (Half Camel Pose) का नियमित अभ्यास काफी लाभदायक होता है। इस आसन को गलत तरीके से करने पर नुकसान भी हो सकता है।


हम आशा करते हैं कि आपको यह लेख अर्द्ध उष्ट्रासन के फायदे (Ardha Ushtrasana Benefits) पसंद आया होगा।इस लेख में हम अर्द्ध उष्ट्रासन के बारे में (Ardha Ushtrasana) अर्द्ध उष्ट्रासन की सावधानियां ,  कैसे करें ( Ardh Ushtrasana Steps ) आदि विषयों के बारे में जाना है ।अगर आपको किसी भी प्रकार का सवाल पूछना हो या राय देना है तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं हमसे जुड़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया पेज को आप फॉलो कर सकते हैं ।

यह लेख भी पसंद आएंगे :

ताड़ासन के फायदे , नुकसान , कैसे करें एवं अन्य जानकारी

भुजंगासन कैसे करें , फायदे , नुकसान एवं सावधानियां 

References

Leave a Comment