अनुवित्तासन योगासन के फायदे, कैसे करें, सावधानियां एवं अन्य जानकारी: Anuvittasana Yogasana Benefits in Hindi

Anuvittasana Yogasana Benefits in Hindi : आइए हम जानते हैं ,एक और नए आसन के बारे में जिसका नाम है अनुवितासन  (Anuvittasana )। अनुवितासन  कुल्हे और पीठ के निचले हिस्सों में मांसपेशियों के संकुचन को कम करता है। इससे मांसपेशियों को टोनिंग और लचीलापन पाने में मदद मिलता है। अब हम बात करेंगे , अनुवित्तासन क्या है (Anuvittasana in Hindi) , अनुवित्तासन के फायदे ( Anuvittasana Benefits in Hindi ), अनुवित्तासन कैसे करें ( Anuvittasana Steps in Hindi ), अनुवित्तासन के सावधानियां ,नुकसान  एवं अन्य जानकारी के बारे में भी बात करेंगे।

अनुवित्तासन क्या है (Anuvittasana Yogasana in Hindi )

अनुवितासन को दो नाम से जाना जाता है। अनुवितासन या स्टैंडिंग बैकबेंड ( Standing Backbend Pose ) । जैसा कि हम जानते हैं कि अनुवित्तासन संस्कृत शब्द है। अणुवित्त = ’प्राप्त’ या ’पाया’ । अंग्रेजी में इसी मुद्रा को स्टैंडिंग बैकबेंड( Standing Backbend Pose )भी कहा जाता है । अनुवित्तासन को एक आधार मुद्रा माना जाता है क्योंकि इस मुद्रा से अनुवित्तासन की विविधताएं प्राप्त की जा सकती है। इस प्राणायाम को करने से मांसपेशियों में काफी आराम मिलता है। वही मांसपेशियों में तनाव की शिकायत करने वालों के लिए यह रामबाण इलाज साबित हो सकता है। गर्दन और कंधों में खासकर तनाव को रिलीज करने में मदद करता है।

anuvittasana yoga standing backbend pose benefits steps
credit : freepik.com

यह लेख भी पसंद आएंगे :: अर्द्ध उष्ट्रासन के फायदे, कैसे करें  एवं अन्य जानकारियां

अनुवित्तासन के फायदे (Anuvittasana Benefits in Hindi )

जब से करोना वायरस  महामारी फैला तब से पूरी दुनिया सदमे और घबराहट में जी रही है। वायरस के चलते लोग अपने आप को फिट रखने के लिए दिनचर्या का खास ख्याल रख रहे हैं और प्राणायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं। स्टैंडिंग बैकबेंड ऐसा प्राणायाम है ,जो रीढ़ की हड्डियों से जुड़ी परेशानियों को कम करने के लिए इस योगा पोज को  करने से मांसपेशियों में काफी आराम मिलता है .

1. हार्ट और ब्लड प्रेशर : –

बैकबेंड योग ( Standing Backbend Pose )  हार्ट और ब्लड प्रेशर के लिए बहुत कारगर योग हो सकता है । यह दिल के कामकाज को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह योग रक्तचाप को भी नियंत्रित करता है।

2. पेट और पाचन : –

इस आसन ( Anuvittasana ) में पेट की मांसपेशियां ऊपर की ओर खींचती है, जो टोनिंग और मजबूती में मदद करती हैं। पेट मे गहरा खिंचाव होने के कारण पेट की चर्बी को भी काम करता है और धीरे-धीरे आंतरिक अंगों को उत्तेजित करने में मदद करता है जिससे पाचन क्रिया में सुधार होता है।

3. मांसपेशियां और लचीलापन :–

पीठ और कूल्हो के निचले   हिस्सों में मांसपेशियों का संकुचन होता है, जबकि बैकबेंड योगासन  ( Anuvittasana ) मांसपेशियों की टोनिंग और लचीलापन में मदद मिलता है, जो मांसपेशियां खिचती और सिकुड़ती है , समय के साथ उनकी गति की सीमा में सुधार होता है। इसलिए आप कह सकते हैं कि बैकबेंड पीठ और कूल्हे के निचले हिस्सों में यानी रीढ़ की हड्डी में लचीलापन लाने में मदद करता है।

4. फेफड़े और श्वसन :–

इस प्राणायाम ( Anuvittasana ) को करने के लिए अधिकतम फेफड़ों से सांस लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। यह स्ट्रेचिंग फेफड़ों की कार्य प्रक्रिया में सुधार करती है और सांस संबंधित विकारों को भी काम करती है।

5. संतुलन और जागरूकता : –

अनुवित्तासन रीढ़ हड्डी के साथ शरीर और सांस का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही शरीर और मन दोनों के साथ संतुलन में सुधार करता है, जो संतुलन के लिए आवश्यक है।

अनुवित्तासन करने का तरीका ( How to do Standing Backbend Pose Steps)

1. बैकबेंड पोज ( Anuvittasana )  करने के लिए अपने पैरों के बीच गैप बनाते हुए खड़े हो जाइए .

2. ऐसा करते वक्त अपने पैरों को सीधा रखें, ताकि इसे करते वक्त आपके पैरों की सभी मांसपेशियां व्यस्त रहें।

3. अब अपने घुटनों को ऊपर की ओर खींचने पर ध्यान दें, और अपने हाथों को अपनी पीठ के निचले हिस्से की तरह रखें ।

4. अपने सर को ऊपर उठते वक्त एक गहरी सांस लें , यह सब करते हुए , सुनिश्चित करें  कि आपका कोर स्थित रहे।

5. रीढ़ को पीछे छोड़ शरीर को जहां तक हो सके उसे आरामदायक पोजीशन में ले जाएं।

6. अब अपने सिर को पीछे की ओर छोड़ें और ज्यादा से ज्यादा शरीर को लचीला बनाए रखने की कोशिश करें

7. अपनी सांसों की स्थिति को सही करते हुए तीन से पांच बार इस आसन को करें। इस पोज को करते हुए रीढ़ को मज़बूत बनाते हुए एब्स को सही मुद्रा में रखें।

अनुवित्तासन की सावधानियां  (Precautions of Anuvittasna)

1. अगर आप अपनी पीठ या गर्दन पर किसी भी प्रकार के चोट या फिर दर्द का सामना कर रहे हो ,तो इस बैकबेंड पोजीशन को करने से बचे।

2. अगर आपको हृदय संबंधित कोई समस्या है तो इस प्राणायाम को करने से बचना चाहिए।

3. बैकबेंड करते समय शरीर को लचीला बनाए रखने की कोशिश करें।

4. उच्च रक्तचाप या सर दर्द जैसे प्रॉब्लम होने पर भी अनुवित्तासन जैसे योगा पोज करने से बचे।

Conclusion (निष्कर्ष )

अनुवित्तासन ( Anuvittasana ) कूल्हे और पीठ की मांसपेशियों में संकुचन को कम करके उनमें टोनिंग और लचीलापन लाने में मदद करता है। बैकबेंड पोज ( Standing Backbend Pose )  रीढ़ कि हड्डियों से जुड़ी प्रॉब्लम को कम करने के लिए यह उत्तम आसान है। अनुवित्तासन शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के साथ ही कई अन्य गंभीर समस्याओं को कम करने में मदद करता हैं। अगर इसका नियमित अभ्यास किया जाए तो यह लाभप्रद हो सकता है, अगर इस आसन को गलत तरीके से किया गया तो इससे नुकसान भी हो सकता है।


      हम आपसे आशा करते हैं कि हमारे द्वारा लिखा गया यह लेख अनुवित्तासन के फायदे (Anuvittasana of Benefits in Hindi ), अनुवित्तासन कैसे करें ( Standing Backbend Pose Steps ) , अनुवित्तासन की कुछ सावधानियों के विषय में हमने जाना हैं। अगर आपको किसी भी प्रकार का सवाल पूछना हो या फिर अपनी राय देनी हो तो नीचे कमेंट लिख सकते हैं। हमसे जुड़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया पेज को आप फॉलो कर सकते हैं।

Disclaimer  :–

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी भी स्वास्थ्य संबंधी सलाह की जगह नहीं है। ज्ञानी वेव इसकी पुष्टि नहीं करता , किसी भी चिकित्सा निर्णय ,उपचार, डाइट आदि का निर्णय लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर  लें।

यह लेख भी पसंद आएंगे :: सुप्त पवनमुक्तासन के फायदे , कैसे करें , सावधानियां एवं अन्य जानकारी ।

यह लेख भी पसंद आएंगे :: ताड़ासन गोमुखासन के  फायदे, कैसे करें एवं अन्य जानकारियां

 

Leave a Comment