अनुलोम विलोम प्राणायाम- संजीवनी :Anulom Vilom Pranayam ke Fayde in Hindi

Anulom Vilom Pranayam ke Fayde in Hindi: वैसे तो हम कई प्रकार के प्राणायाम (Pranayama) करते रहते हैं लेकिन आज हम ‘ अनुलोम विलोम ‘ के बारे में बात करते हैं ‘अनुलोम विलोम ‘ सबसे ज्यादा लाभकारी प्राणायाम है जो हमारे शरीर को अनेक प्रकार से रोगों को कम करने और मन को शांत करने के साथ-साथ तनाव से संबंधित समस्याओं से भी छुटकारा देने में मदद करता है ।
अनुलोम विलोम प्राणायाम ( Anulom Vilom Pranayam) सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है एवं स्वास्थ्य परिसंचरण को बनाए रखने में मदद मिलती है।अनुलोम विलोम स्वास्थ्य संबंधित एवं प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और अवसाद को दूर करने एवं ब्रीदिंग एक्सरसाइ (Breathing  Exercise) भी है जो फेफड़ों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करती है।

अनुलोम विलोम प्राणायाम से ब्लड प्रेशर,मस्तिष्क, हृदय, और मानसिक स्वास्थ्य के स्तर को भी सुधारने में मदद मिलती है।

प्राणायाम में सबसे ज्यादा प्रचलित सांस लेने के योगासन में एक’ अनुलोम विलोम ‘ प्राणायाम  प्रचलित  प्राणायाम हैं।
कई शोध से पता चला है कि अनुलोम विलोम (Anulom -Vilom) के अभ्यास से अनेक प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं जैसे हृदय रोग ,उच्च रक्तचाप ,माइग्रेन गठिया का दर्द ,अस्थमा,  श्वसन संबंधी एवं तानव,  चिंता अवसाद  जैसी समस्याओं को दूर करने में अनुलोम विलोम काफी फायदेमंद होता है ।

आजकल हम भाग दौड़ के दुनिया में समय का अभाव होने के कारण नई-नई बीमारियों होने लगीं हैं ऐसे में हमको कुछ समय निकालकर अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए अनुलोम विलोम प्राणायाम का अभ्यास नियमित रूप से रोजाना कर सकते हैं।

अनुलोम विलोम क्या है : Anulom –  Vilom Pranayama in Hindi

अनुलोम विलोम प्राणायाम (Anulom – Vilom ) संस्कृत शब्द है जो  ‘प्राण ‘ यानी की सांस और ‘ आयाम ‘ अर्थात सांस लेना और छोड़ना से लिया गया है । जिनको यह नहीं पता है कि उनके लिए अनुलोम का क्या मतलब है ” एक प्राकृतिक दिशा में”  और विलोम का मतलब  है कि”विपरीत या उल्टी दिशा में ” । इस प्राणायाम का सीधा अर्थ होता है कि “वैकल्पिक सांस लेना”।  लेकिन शब्दों के आधार पर देखा जाए तो अनुलोम का अर्थ’ सीधा’ और विलोम का अर्थ ‘ उल्टा’ होता है अनुलोम का संबंध नाक के दाहिना  छिद्र से और विलोम का अर्थ नाक के बाएं   छिद्र से लिया गया है।

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अनुलोम- विलोम एक प्रकार की ब्रीदिंग एक्सरसाइज (Breathing Exercise )है ।जो हमारे फेफड़ों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करती है साथ ही साथ यह अनेक प्रकार के रोगों जैसे माइग्रेन , उच्च रक्त ताप, गठिया रोग   अस्थमा, श्वसन संबंधी तनाव ,चिंता ,अवसाद आदि जैसी बीमारियों को इस प्राणायाम ( Pranayama ) को करने से काफी लाभप्रद साबित होता है । इस प्राणायाम को करने से तनाव एवं चिंता को कम करने में काफी लाभप्रद साबित हुआ है ।

अनुलोम – विलोम को नियमित रूप से करने से श्वास को नियंत्रित करने के साथ -साथ  श्वास अभ्यास रोजाना करने से तनाव कम होता तो है रक्त परिसंचरण को बनाए रखने में अनुलोम – विलोम का अभ्यास ( Anulom Vilom Steps) काफी लाभप्रद  साबित होता है और बेहतर स्वास्थ्य को बनाए रखने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है शारीरिक और मानसिक समस्याओं को दूर करने एवं अन्य प्रकार के  बीमारियों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है ।

तो आईए अब  हम विस्तार से जानते हैं कि अनुलोम विलोम के फायदे ( Anulom Vilom Pranayam ke Fayde ) क्या – क्या होता है?

अनुलोम विलोम के फायदे: Anulom Vilom Pranayam Ke Fayde

1) मानसिक स्वास्थ्य ( Anulom Vilom for Mental Health) : शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए मानसिक स्थिति का मजबूत होना बेहद जरूरी है। अगर सही तरीके से रोजाना अनुलोम विलोम का अभ्यास ( Anulom Vilom Steps) किया जाए तो शरीर और मस्तिष्क दोनों स्वस्थ बने रहेंगे ।

आप अपने मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए रोजाना नियमित रूप से अनुलोम विलोम का प्राणायाम करना प्रारंभ करें एवं शारीरिक एवं मानसिक थकान को दूर किया जा सकता हैं। जब हम अनुलोम विलोम का प्राणायाम ( Anulom Vilom Pranayama) करते हैं तो इसका असर हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है और हमारा मन शांत , हमारा मस्तिष्क स्फूर्ति से भरा हुआ रहता है। जिस प्रकार से हम दिन भर के भागा दौड़ी के तनाव को शांत करने में सक्षम होंगे।

2)  श्वसन से संबंधित बीमारियों से लाभ (Anulom Vilom for Respiratory Disease ): अनुलोम विलोम का प्राणायाम हमारे श्वसन से संबंधित अनेक बीमारियों का इलाज है । ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ (Breathing Exercise) और फेफड़ों को स्वस्थ बनाए रखने में अनुलोम विलोम प्राणायाम काफी लाभप्रद साबित होता है । आज के दौड़ में हमारा खान – पान शुद्ध न रहने के कारण इसका प्रभाव हमारे फेफड़ों पर भी पड़ता है जिस कारण हमारे फेफड़ों की नलियां सिकुड़ जाती हैं या फिर काम करना बंद कर देती हैं.

जिस प्रकार से हम अस्थमा या  वात, कफ, श्वास  से संबंधित अनेक बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं तो आप भी इस प्राणायाम को नियमित रूप से रोजाना करके इसका (Anulom Vilom Pranayam ke Fayde) लाभ  उठा सकते हैं ।

3) तनाव एवं चिंता  से राहत ( Anulom Vilom for Stress):आजकल हम अपने  निराशा जनक  दुनिया में सबसे ज्यादा आजकल का व्यक्ति निराशा एवं हताशा के कारण  हमारा मस्तिष्क तनाव एवं चिंता का शिकार होते जा रहा हैं जिस कारण से आजकल के व्यक्ति सबसे ज्यादा डिप्रेशन के शिकार होते जा रहे हैं।

तो फिर आप अपने को स्वस्थ बनाए रखने के लिए  व्यायाम प्रतिरक्षा को बढ़ाने तनाव एवं चिंता से मुक्त होने और जीवन की समग्र गुणवत्ता को बेहतर बनाने में अनुलोम विलोम प्राणायाम आंशिक रूप से काफी लाभप्रद साबित होता है।  यह हमारे बिगड़ी हुई नींद चक्र ,स्वास्थ्य ,आहार जीवन शैली इत्यादि की कमियों को पूरा करने में अनुलोम विलोम प्राणायाम ( Anulom Vilom Pranayam ke Fayde  ) काफी लाभदायक होता है।

4)  ब्लड प्रेशर के लिए ( Anulom Vilom for Blood Pressure) : अनुलोम विलोम प्राणायाम ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए बेहद असरदार योगा अभ्यास है जिस कारण से अगर आपका ब्लडप्रेशर  हाई रहता है तो रहता है तो  आप अनुलोम विलोम प्राणायाम कर सकते हैं इसे करने से आपका ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है एवं ऑक्सीजन भी सुचारू रूप से प्रवाहित होते रहते हैं । अनुलोम विलोम प्राणायाम  विशेष रूप से श्वसन तंत्र, हृदय ,मस्तिष्क,उच्च, रक्तचाप की समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए काफी फायदेमंद है ।

5) हृदय के लिए अनुलोम विलोम के फायदे ( Anulom Vilom for Heart ) : अनुलोम विलोम स्थिर ,नियंत्रित श्वास लेने से स्वास्थ्य दर के साथ-साथ हृदय की धड़कन भी कम हो जाती है ऐसा कहा जाता है कि अनुलोम विलोम का अभ्यास हृदय को तंत्रिका तंत्र के नियंत्रण में लाने में मदद करता है । अनुलोम विलोम प्राणायाम सकारात्मक ऊर्जा को बढाता है और किसी भी प्रकार के शारीरिक लाभ प्रदान करता है एवं ऑक्सीजन की मात्रा को की मात्रा को बढ़ाने में मदद करता है एवं हमारे शरीर के अनेक प्रकार से हार्मोनल संतुलन में सुधार करता है।

अनुलोम विलोम को प्रतिदिन करने से हमारी दिनचर्या में काफी बदलाव आता है जैसे बेहतर नींद को बढ़ावा देता है और नकारात्मक प्रभाव को खत्म करने में मदद मिलती है।

6) अनुलोम विलोम के अन्य लाभ ( Anulom Vilom Pranayam ke fayde in Hindi ) : अनुलोम विलोम प्राणायाम पाचन तंत्र की कार्य प्रणाली में सुधार करता है। एवं यह अवसाद से लड़ने में लाभकारी सिद्ध होता है। अनुलोम विलोम में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो मुक्त कणों को मार कर  तनाव, चिंता से राहत दिलाने में मदद करता है।  माइग्रेन, गठिया  क्रोध  , बेचैनी और निराशा जैसी नकारात्मक भावनाओं को दूर करता है तथा इस प्राणायाम को करने से वजन घटाया जा सकता है और मेटाबॉलिज्म को  सुव्यवस्थित करने में भी मदद मिलती है।

अनुलोम विलोम प्राणायाम ( Anulom -Vilom Pranayama kaise karen ) नियमित करने से त्वचा चमकदार और स्वस्थ बनती है ।अनुलोम विलोम का अभ्यास किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए आप इसका उपचार इस  प्राणायाम के द्वारा रोजाना अभ्यास कर सकते हैं।

Anulom Vilom Kaise karte Hain: अनुलोम विलोम प्राणायाम करने का तरीका

अनुलोम विलोम प्राणायाम करने का तरीका आईए हम इसे विस्तार पूर्वक जानते हैं कि अनुलोम विलोम प्राणायाम का अभ्यास ( Anulom Vilom Kaise karen ) कैसे करें।

स्टेप 1.  इस प्राणायाम को करने के लिए सबसे पहले एकदम सीधा होकर ध्यान मुद्रा में बैठ जाएं ।

स्टेप 2. अपने दाहिने हाथ के अंगूठे के साथ दाहिने नासिका को बंद करें । बाए नासिका से श्वास लें । श्वास धीरे-धीरे लें ।मन में पांच तक की गिनती करें। बायां हाथ बाए घुटने पर टिका होना चाहिए।

स्टेप 3. अब दाहिने नासिका को छोड़ दें। हाथ की रिंग फिंगर से बाएं नासिका को बंद कर ले । पांच तक गिनती करते हुए  बाएं नासिका से श्वास छोड़ें।

स्टेप 4. अब पूरा हुआ एक तरफ का क्रम ।

स्टेप 5.  अब बाएं नासिका से पांच तक की गिनती करते हुए श्वास लें। फिर इस नासिका को छोड़ दें और दाहिने नासिका को बंद करें और उससे श्वास छोड़ें।

स्टेप 6. इस क्रिया को दोहराते रहे ध्यान रखें की इस प्राणायाम को सही तरीके से करने से ही आपको लाभ प्राप्त होगा ।

स्टेप 7. अनुलोम विलोम प्राणायाम करने के लिए एक मिनट हो सके तो 1 मिनट के लिए करें ज्यादा हो सके तो ज्यादा देर तक करें । शुरुआत में ज्यादा समय तक न करें। समय के साथ-साथ ज्यादा समय और गिनती बढ़ा सकते हैं ।

आप अधिक जानकारी के लिए इस वीडियो का सहारा ले सकते हैं:

अनुलोम विलोम की सावधानियां : Anulom Vilom Pranayam Precautions

वैसे तो हम कई प्रकार के प्राणायाम करते रहते हैं जिसके अनेक लाभ होते हैं ,तो उसी प्रकार कुछ हानियां भी होती हैं जो हम उसको  सावधानियां ( Anulom Vilom Contraindications ) के रूप में बरतनी चाहिए ।

1) किसी भी प्राणायाम को करने के लिए समय का निश्चित होना जरूरी होता है। हम किसी भी प्रणायाम को करते हैं तो सुबह का समय सूर्योदय का समय ही सबसे लाभकारी सिद्ध होता है । अगर आपके पास समय का अभाव है तो आप सूर्यास्त के समय भी कर सकते हैं ।

2) अनुलोम विलोम प्राणायाम ( Anulom Vilom Pranayama ) खाली पेट ही करें । खाली पेट किसी भी प्राणायाम को करने से हम अपने बैठने की स्थिति को सामान्य रूप से ध्यान मुद्रा में बैठ सकते हैं ।

3. बहुत से लोग इस प्राणायाम को करते समय अपनी कोहनी को ऊपर उठा लेते होंगे कोहनी को धीरे-धीरे जमीन की तरफ रखें दर्द होने पर दूसरे हाथ का भी सहारा ले सकते हैं।

4. अनुलोम विलोम प्राणायाम करते समय  पूरे शरीर को हिलाना नहीं चाहिए । नाक को भी अंगूठे से बहुत जोर से दबाना नहीं चाहिए ।

5. अगर आप को बहुत ज्यादा खांसी,जुकाम या नाक बंद है तो या फिर आपके फेफड़ों में कोई समस्या है तो आप इस प्राणायाम को छोड़ सकते हैं ,या फिर आप इस प्राणायाम को करने के लिए किसी प्रशिक्षित परामर्श से सलाह लेकर योगाभ्यास करें ।

क्या हम अनुलोम विलोम 20 मिनट तक कर सकते हैं ?

अनुलोम विलोम प्राणायाम  नियमित रूप से रोजाना 20 से 30 मिनट तक कर सकते हैं।

क्या अनुलोम विलोम से आंखों की रोशनी बढ़ती है ?

सदियों से ऋषियों मुनियों ने अनेक प्रकार की योगाभ्यास करके शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए प्राणायाम सिखाए हैं । अनुलोम विलोम  प्राणायाम से आंखों की रोशनी चमकदार एवं स्वस्थ त्वचा और चेहरे चमकदार बनाए रखने में मदद करती है ।

क्या अनुलोम विलोम दिमाग की शक्ति बढ़ा सकता है ?

अनुलोम विलोम प्राणायाम के नियमित अभ्यास से मस्तिष्क के विचार क्षमता गहरी होती है । तनाव के स्तर को कम करके, एकाग्रता के स्तर को बढ़ाने और मन की स्थिरता को बढ़ाने में मदद करता है ।

FAQ :

1) अनुलोम विलोम से कौन सा रोग दूर होता है ?

अनुलोम विलोम प्राणायाम करने से वैसे तो बहुत सारी  स्वास्थ्य संबंधी  समस्याओं  का समाधान हो जाता हैं लेकिन अनुलोम विलोम से कई गंभीर समस्याएं जैसे हृदय रोग, उच्च रक्तचाप ,माइग्रेन का दर्द ,गठिया एवं चिंता और तनाव एवं अवसाद से छुटकारा दिलाने में मदद करता है ।

2) अनुलोम विलोम का दूसरा नाम क्या है ?

अनुलोम विलोम एक प्रकार का नासिका श्वास प्राणायाम है ।
इस प्राणायाम को एक अन्य नाम  से भी जाना जाता हैं जिसे  (नाड़ी शोधन प्राणायाम )भी कहा जाता हैं।

क्या अनुलोम विलोम के बाद पानी पी सकते हैं  ?

अनुलोम विलोम प्राणायाम करने के  लगभग  आधे घंटे या 40  मिनट के बाद पानी पिया जा सकता हैं।

अनुलोम विलोम कौन-कौन नहीं कर सकता है ?

अनुलोम विलोम अभ्यास उन लोगों को नहीं करना चाहिए जो रक्तचाप और तीव्र अस्थमा के लिए दवा ले रहे हैं ।

क्या अनुलोम विलोम का कोई साइड इफेक्ट है?

अनुलोम विलोम प्राणायाम करने से कोई भी जोखिम या नकारात्मक दुष्प्रभा

Conclusion :  निष्कर्ष

हमें अपने नियमित जीवन को सफल और स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए शारीरिक ,मानसिक रूप से स्वस्थ होना बेहद जरूरी है जो हम अनुलोम विलोम प्राणायाम के नियमित अभ्यास से ( Anulom -Vilom Pranayama Steps in Hindi)   अपने जीवन को  बेहतरीन और आसान  बना सकते हैं। इसके अनेक लाभ हैं । जिससे शरीर की कई  परेशानियों से आसानी से राहत पाया जा सकता है । शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में अनुलोम विलोम का महत्वपूर्ण योगदान होता है ।

हमें आशा है कि हमारा यह लेख अनुलोम विलोम (Anulom Vilom Pranayam ke Fayde ) पसंद आई होगी।  अगर आपको किसी भी प्रकार का सवाल पूछना हो या फिर अपनी राय देनी हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं ।हमसे जुड़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया पेज को आप फॉलो कर सकते हैं ।

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यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी स्वास्थ्य से संबंधित सलाह की जगह नहीं है ज्ञानी वेब इसकी पुष्टि नहीं करता किसी भी चिकित्सा निर्णय, उपचार, डाइट इत्यादि का निर्णय लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले ।

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