त्रिकोणासन( त्रिकोण मुद्रा ):5 Health Benefits of Trikonasana (Triangle Pose)

5 Health Benefits of Trikonasana : “करे योग, रहें निरोग ” इस शब्द को आप सब अच्छे से जानते होंगे इसका अर्थ है, कि नियमित योगाभ्यास करने से आप अनेक बीमारियों से दूर रह सकते हैं प्राचीन काल से ही योग का अभ्यास किया जा रहा है। योगासन का प्रचार-प्रसार तेज़ी से दुनिया भर में हो रहा है। योग के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Yoga Day)मनाया जाता है।

त्रिकोणासन एक ऐसा योगासन है।जिसके नियमित रूप से अभ्यास करने से व्यक्ति लंबी ,आयु और अनेक रोगों से मुक्त शरीर प्राप्त कर सकता है। त्रिकोणासन एक ऐसा आसन है जो सेहत के लिए बेहद जरूरी है ।यह आसन शरीर को तीन अलग कोणों से एक साथ स्ट्रेचिंग देता हैं।हमारे शरीर को सामान्य रूप से बेहतर ढंग से चलाने में मदद करता है।
यह योगासन फ्लैट पैर को रोकने में मदद करता है साथ ही साथ पिंडलियों और हिप्स की मसल्स को मजबूत करता है एवं रीढ़ को लचीला बनाता है।

त्रिकोणासन एक सरल आसन (5 Health Benefits of Trikonasana )है जो ना सिर्फ मांसपेशियों व हड्डियों को लाभ पहुंचता है बल्कि इससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में भी काफी सुधार किया जा सकता है ।
तो आईए अब हम विस्तार से जानते हैं कि (Trikonasana in Hindi) क्या होता है?

त्रिकोणासन  क्या है :Trikonasana in Hindi

त्रिकोणासन खड़े होकर करने वाला एक आसन है । त्रिकोणासन संस्कृत भाषा से लिया गया शब्द है।’ त्रिकोण ‘ का अर्थ होता है ‘ त्रिभुज’ और ‘ आसन ‘ का अर्थ है ‘ एक शारीरिक मुद्रा ‘। इसका मतलब यह होता है कि इस आसन में  शरीर त्रिकोण की आकृति का हो जाता है इसलिए इसे त्रिकोणासन कहा जाता है ।त्रिकोणासन को अंग्रेजी में ट्रायंगल पोज (Triangle pose)कहते हैं।

इस आसन को करने के दौरान शरीर की मसल्स तीन अलग कोणों में स्ट्रेच हो जाती है। हम अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए त्रिकोणासन के निरंतर अभ्यास से टखने ,जांघें और घुटने मजबूत हो जाते हैं साथ ही साथ टखने ,माइग्रेन ,जांघें, कंधे घुटने, हिप्स ,पिंडलियों , हैमस्टिंग और पसलियों पर भी खिंचाव पड़ता है। यह आसन पैरों की मांसपेशियों को लंबा करने और पैरों एवं कूल्हों में अकड़न को कम करने में भी मदद करता है।

त्रिकोणासन (Trikonasana ke fayde)को आमतौर पर सामान्य स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए एक अच्छा शारीरिक व्यायाम माना जाता है। त्रिकोणासन को उचित और नियमित तरीके से करने पर इससे आपके शरीर की मुख्य मांसपेशियां सक्रिय और मजबूत हो जाती हैं जिससे शारीरिक और मानसिक संतुलन व स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलती है।

त्रिकोणासन के फायदे:5 Health benefits of Trikonasana

(1 )कमर दर्द से राहत ( Trikonasana for back Pain )

त्रिकोणासन के नियमित अभ्यास से आप अपने कमर दर्द की परेशानी को दूर कर सकते हैं l यह कमर और साइटिका के दर्द को कम करने में भी मदद करता है l इस योगाभ्यास से आप अपने शरीर को लचीला बना सकते है।

(2)मांसपेशियों को करें मजबूत ( Trikonasana for Muscles )

त्रिकोणासन का नियमित अभ्यास ( 5 Health Benefits of Trikonasana ) करने से हम अपनी मांसपेशियों को मजबूत कर सकते हैं । इस योगासन से हमारी मांसपेशियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है एवं कूल्हों एवं जांघों की जकड़न को कम करने में मदद करता है । त्रिकोणासन में मुख्य रूप से बगल की ओर झुकना से रीढ़ की हड्डी में खिंचाव आता है और मांसपेशियों में लचीलापन बढ़ता है । त्रिकोणासन हमारे शरीर और मसल्स के लिए काफी अच्छा प्राकृतिक  व्यायाम हो सकता हैं।

(3)पाचन क्रिया को करें दुरुस्त ( Trikonasana for Digestion )

अक्सर देखा जाता है कि हम अपने  खान पान  को लेकर अन्य बीमारियों से ग्रस्त रहते हैं कभी हमारे पेट की परेशानी तो कभी अपच की समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को कभी भी हो सकता है । इसलिए  पाचन क्रिया को दुरुस्त करने के लिए हमें त्रिकोणसन  का नियमित अभ्यास करना चाहिए जिससे हमारे शरीर को एनर्जी मिलती है एवं त्रिकोणासन से पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मदद मिलती है साथ ही साथ  डाइजेस्टिव ग्लैंड को फायदा ( 5 Health Benefits of Trikonasana )पहुंचाने में काफी मददगार साबित होता है l ये पाचन सुधारने के साथ- साथ पेट के निचले अंगों को उत्तेजित करता है।

त्रिकोणासन (Trikonasan kaise karen) का अभ्यास नियमित रूप से करने से पेट में मौजूद अंगो को भी सक्रिय सक्रिय करता है जिन लोगों को कब्ज, अपच या पेट संबंधी अन्य कोई समस्या है तो उनके लिए त्रिकोणासन का अभ्यास (Trikonasana ki Vidhi)काफी लाभदायक साबित हो सकता हैl

(4)शारीरिक तनाव और चिंता करें कम ( Trikonasana for Stress )

त्रिकोणासन का नियमित अभ्यास करने से स्ट्रेस और चिंता को कम कर सकते हैं।इसका नियमित अभ्यास करने से समग्र शारीरिक , मानसिक और आध्यात्मिक विकास में भी सहायक होता है।यह रक्तचाप ,तनाव और चिंता संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद करता है । यह नींद को सुधारने एवं ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है। ये शारीरिक और मानसिक स्थिरता को बढ़ाने और एंजायटी को ठीक करने का काम करता है।

(5) स्किन को करें साफ़ ( Trikonasana for Skin )

यदि आप अपने चेहरे को साफ रखना चाहते हैं तो त्रिकोणासन का नियमित अभ्यास करने से आपकी स्किन पर बार-बार होने वाले दानो और  पिंपल्स की परेशानियां से दूर रह सकते हैं । त्रिकोणासन का नियमित अभ्यास करने से पूरे शरीर में रक्त परिसंचरण का संचार होता है जिससे अंगों को बेहतर ढंग से काम करने में मदद मिलती हैं। त्वचा पर बार-बार बार-बार दाने एवं मुंहासे निकलते हैं तो इसकी समस्या दूर होने के साथ-साथ चेहरा भी चमकदार हो जाता हैं।

त्रिकोणासन कैसे करें:Trikonasana steps

त्रिकोणासन मुद्रा काफी साधारण होता है और इसे आसानी से सीखा जा सकता है । तो आईए जानते हैं त्रिकोणासन अभ्यास करने का तरीका इस इस प्रकार है :

Step1. सबसे पहले आप किसी समतल जगह पर योगा मैट पर खड़े हो जाए और अपने पैरों के बीच दो फीट की दूरी बना रखें ।

Step 2. दोनों पैरों के बीच 3 से 4 फीट तक  गैप कर ले अपने बाएं पैर को 15 से 20 डिग्री अंदर की तरफ मोड़ ले और दाहिने पैर को पूरा बाहर की तरफ मोड़ दें।

Step 3. अब सामने देखते हुए दोनों हाथो को फैला लें और गहरी सांस ले।

Step 4. इसके बाद धीरे-धीरे कूल्हे के जोड़ का इस्तेमाल करते हुए शरीर को दाएं तरफ झुकाए और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें ।

Step 5. दोनों हाथों को फैला कर रखें ताकि झुकने के बाद आपका हाथ आपके दाएं घुटने पर आकर टिक जाए।

Step 6.  इसके बाद ठीक इसी प्रक्रिया के साथ यही आसन शरीर के बाएं तरफ करें जिसमें आपको दाएं पैर को अंदर की तरफ मोड़ना होगा।

Step 7.  इस आसन में करीब 30 सेकेंड तक रहें अब सांस लेते हुए अपनी प्रारंभिक अवस्था में वापस आ जाएं इस प्रक्रिया को आप पूरे दिन में कम से कम कर से पांच बार दोहराएं।

आप अधिक जानकारी के लिए इस वीडियो का सहारा ले सकते हैं:

त्रिकोणासन करते समय सावधानियां : Trikonasana of Precautions    

त्रिकोणासन को एक साधारण और सरल योगासन माना जाता है लेकिन फिर भी यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आप इस योगासन को ठीक तरीके से कर रहे हैं या नहीं, इसलिए निम्न बातों को ध्यान रखना जरूरी है तो आईए हम जानते हैं कि त्रिकोणासन के दौरान की जाने वाली सावधानियां किस प्रकार बरतनी चाहिए :

  • अगर किसी व्यक्ति को पीठ दर्द ,कमर दर्द और स्लिप डिस्क की परेशानी है तो इस योगासन का अभ्यास करने से पहले किसी एक्सपर्ट कि सलाह पर ही इसका अभ्यास करें।
  • ब्लड प्रेशर वाले रोगियों को जिनकी बीपी हाई high अथवा low होती रहती है उन लोगों  को त्रिकोणासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • त्रिकोणासन का अभ्यास सुबह के समय ही किया जाना चाहिए लेकिन अगर आप शाम के वक्त यह आसन कर रहे हैं तो जरूरी है कि अपना भोजन कम से कम 4 से 6 घंटे पहले ही कर लिए हैं।
  • अगर आप माइग्रेन,डायरिया,उच्च रक्तचाप, गर्दन,कमर दर्द, पीठ दर्द और स्लिप डिस्क  ,घुटनों आदि इन रोगों से पीड़ित है तो आप इस योगासन को करने से बचें।
  • त्रिकोणासन का अभ्यास (Trikonasana  kaise karen) करते समय शरीर के साथ कोई जोर नहीं डालें बहुत लोग  घुटनें या पैर की ओर ज्यादा बल देने लगते हैं जिससे वह अपने आप को मूर्छित कर लेते हैं अपने हाथ को नीचे वहां तक ले जाए जहां तक आपसे संभव हो रहा हैं।
  • कुछ शारीरिक स्थितियां हो सकती हैं जिनके दौरान आपको त्रिकोणासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए या त्रिकोणासन  का अभ्यास करने से पहले किसी एक्सपर्ट कि सलाह जरूर ले।

त्रिकोणासन को कितनी बार कर सकते हैं?

सभी व्यक्ति का स्वास्थ्य एक जैसा नहीं होता सभी व्यक्तियों को सोचने समझने की क्षमता अलग-अलग होती है तो अभ्यास स्तर भी अलग ही होगा वैसे तो आमतौर पर इसका अभ्यास एक पोजीशन में 30 सेकंड तक रहे।
त्रिकोणासन (Trikonasana)योग का अभ्यास कम से कम 20 बार करें।
किसी भी व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार की जबरदस्ती ना करें अपनी शारीरिक और मानसिक स्थिति के अनुसार अपने स्वास्थ्य पर निर्भर करें ।

त्रिकोणासन से किसे बचना चाहिए ?

त्रिकोणासन (Tringle pose) कुछ लोगों के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता इस स्थिति में उन्हें इस आसन को करने से बचना चाहिए।

1. हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure): त्रिकोणासन करते समय सिर नीचे की ओर झुकता है ,जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है इससे उन लोगों को  त्रिकोणासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

2.  हर्निया (Hernia): जिन लोगों को हर्निया की समस्या है तो इस आसन को करने से बचना चाहिए।


3.   पीठ , कमर और गर्दन की चोट: अगर आपके शरीर में पीठ , कमर या गर्दन में कोई चोट लगी हो या किसी प्रकार का दर्द हो तो इस आसन को करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले।

4.  माइग्रेन ,या गंभीर सिरदर्द (Migraine)
: आसन करते समय  सिर नीचे की ओर झुकाया जाता है जिससे माइग्रेन या सिरदर्द बढ़ सकता है।

हमेशा किसी भी योगासन को करने से पहले योग्य योग प्रशिक्षक की सलाह लेना उचित होता है खासकर यदि आपको कोई स्वास्थ्य समस्या हो तो।

त्रिकोणासन का दूसरा नाम क्या है?

त्रिकोणासन का दूसरा नाम ट्रायंगल पोज (Tringle pose) और संस्कृत में “उत्थित त्रिकोणासन” के नाम से जाना जाता हैं।

त्रिकोणासन के कितने प्रकार होते हैं ?

 त्रिकोणासन के मुख्यतः दो प्रकार होते हैं। उत्तान त्रिकोणासन   (Extended Tringle pose) , परिवृत्त त्रिकोणासन  (Revolved Tringle pose) दोनों में थोड़ी भिन्नताएं होती हैं लेकिन लाभ समान होते है.

त्रिकोणासन में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? 

इस आसन को करते समय धीरे-धीरे और नियंत्रित गति में झुके कमर और गर्दन को सही स्थिति में रखें और शरीर को ज्यादा खींचने से बचे किसी भी दर्द या असुविधा का अनुभव हो तो आसन को तुरंत रोक दें।

त्रिकोणासन के क्या- क्या लाभ है?

त्रिकोणासन के अभ्यास से कई प्रकार के लाभ होते हैं जैसे की रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाना ,पाचन को सुधारना, तनाव को कम करना और पैरों, घुटनों और टखनों को मजबूत करना।

त्रिकोणासन कैसे किया जाता है? 

इस आसन को करने के लिए पैरों को लगभग 3-4 फीट की दूरी पर रखें एक पैर को 90 डिग्री और दूसरे पैर को 45 डिग्री पर घुमाए। हाथों को कंधे के स्तर पर फैलाए फिर सिर को एक तरफ झुकाए और नीचे की ओर झुकते हुए एक हाथ को पैर पर रखें और दूसरे हाथ को आकाश की ओर उठाएं।

Conclusion :  सारांश

त्रिकोणासन (trikonasana) योग का एक महत्त्वपूर्ण आसन है जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अनेक लाभ प्रदान करता है। यह आसन पैरों , कूल्हों और रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाता है,साथ ही संतुलन और स्थिरता को भी सुधारता है।त्रिकोणासन (Trikonasana steps in Hindi) का नियमित रूप से अभ्यास करने से शरीर में लचीलापन बढ़ता है। रक्त संचार में वृद्धि होती है और तनाव कम होता है।

हम सब जानते हैं कि आज की भाग दौड़ की दुनिया में योग विज्ञान का बहुत महत्व है इसलिए कहा जाता है स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का विकास होता है। त्रिकोणासन न सिर्फ उपापचय को एक्टिव करता है बल्कि आपके दिमाग को स्थिर रखने में भी मदद करता है। आज की भाग दौड़ भरी दुनिया में इस योगासन से दिमाग को शांत और नियंत्रित किया जा सकता हैं।

हमें आशा है कि हमारा यह लेख त्रिकोणासन के फायदे (5 Health benefits of Trikonasana)आपको पसंद आए होंगे अगर आपको किसी भी प्रकार का सवाल पूछना हो या अपनी राय देनी हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं, हमसे जुड़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया पेज को आप फॉलो कर सकते हैं।

Disclaimer :

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी भी स्वास्थ्य  संबंधी सलाह की जगह नहीं है ज्ञानी वेब इसकी पुष्टि नहीं करता। किसी भी चिकित्सा निर्णय,उपचार ,डाइट इत्यादि का निर्णय लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले।

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