कपालभाति प्राणायाम:5 Health Benefits of Kapalbhati Pranayam

5 Health Benefits of Kapalbhati Pranayam : दोस्तों आज हम एक ऐसे प्राणायाम के बारे में बात करने जा रहे हैं जिसे जीवन के संजीवनी के रूप में भी जाना जाता है और वह प्राणायाम है कपालभाति प्राणायाम । इसके अभ्यास मात्र से अनेक प्रकार के लिवर , किडनी चेहरे से संबंधित अनेक प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है एवं खुद को मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रखा जा सकता है। कहा जाता है  कि कपालभाति प्राणायाम ( Kapalbhati Pranayam ) के अभ्यास से 100 से भी अधिक बीमारियों का खतरा कम हो जाता है साथ ही  शरीर ऊर्जावान एवं स्फूर्ति से भरा होता है।

आजकल के भाग दौड़ की दुनिया में खानपान का ठीक ना होना ,  यह सब  बीमारियों को जन्म देता है ऐसे में हमें नियमित रूप से कुछ समय निकालकर कपालभाति प्राणायाम करना चाहिए जिससे हम खुद को स्वस्थ रख सके ।

कपालभाति प्राणायाम क्या है : Kapalbhati Pranayama in Hindi

कपालभाति ( Kapalbhati )  एक संस्कृत शब्द है जो कि दो शब्दों “कपाल” एवं ” भाती ” के मेल से बना है । जिसमें कपाल का अर्थ दिमाग के आगे के हिस्से या माथा एवं भाती का अर्थ ज्योति से होता है। साथ ही प्राणायाम का अर्थ होता है – सांस लेने की तकनीक ।
ब्रीदिंग एक्सरसाइज ( Breathing Exercise) काफी सरल एवं असरदार होते हैं जिनमें से कपालभाति एक है। जो की काफी सरल एवं किसी भी उम्र के लोगों द्वारा अभ्यास किया जा सकता है। इस आसन में हमें शांति से बैठकर सांस लेना एवं छोड़ना होता है ।


कपालभाति प्राणायाम के अभ्यास करने से याददाश्त एवं दिमाग तेज होता है।  साथी यह मस्तिष्क संबंधित तमाम तरह की बीमारियों को खत्म या कम करने का काम करता है।
तो चलिए अब हम जानते हैं विस्तार से कि कपालभाति प्राणायाम के फायदे ( Kapalbhati Pranayam ke Fayde ) क्या-क्या है ।

कपालभाति प्राणायाम के फायदे : 5 Health Benefits of Kapalbhati Pranayam

आईए एक-एक करके कपालभाति प्राणायाम के पांच बड़े फायदे( 5 Health Benefits of Kapalbhati Pranayam ) को जानते हैं –

1) त्वचा के लिए कपालभाति के फायदे : Kapalbhati Benefits for skin

आजकल के गलत खानपान एवं बेकार ब्यूटी प्रोडक्ट से हमारी त्वचा काफी खराब हो जाती है । ऐसे में कपालभाति प्राणायाम के अभ्यास से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है जिससे त्वचा स्वस्थ , चमकदार एवं निखार होता है ।
कपालभाति प्राणायाम ( Kapalbhati Pranayam) से शरीर में खून शुद्ध एवं तमाम तरह की गंदगी की सफाई हो जाती है जिससे त्वचा साफ एवं चेहरा बिल्कुल चमकदार होता है ।
अगर कपालभाति का नियमित रूप से अभ्यास किया जाए तो चेहरे पर कील मुंहासे को भी कम किया जा सकता है ।

2) वजन घटाने में कारगर : Kapalbhati Benefits for Weight Loss

आज के समय में मोटापा एक बहुत बड़ी समस्या बन चुका है । मोटापा से चर्बी के साथ-साथ कई प्रकार की गंभीर बीमारियों का भी जन्म होता है जो आगे चलकर शरीर के लिए काफी हानिकारक साबित होते हैं। ऐसे में आपको कपालभाति प्राणायाम का नियमित अभ्यास जरूर करके देखना चाहिए क्योंकि इसमें सांस लेते एवं छोड़ते समय पेट की मांसपेशियों पर असर पड़ता है जिससे मोटापा कम करने में मदद मिलती है साथ ही इसे डाइजेस्टिव सिस्टम भी मजबूत होता है ।

3) मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद : Kapalbhati for Mental Health

अगर आप भी किन्हीं कारणों से तनाव महसूस करते हैं या मन शांत नहीं तो आपको कपालभाति का अभ्यास जरूर करना चाहिए क्योंकि इसके अभ्यास से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है जिससे दिमाग ऊर्जावान रहता है।
साथी यह प्राणायाम पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए लाभदायक है क्योंकि इस प्राणायाम से स्मरण शक्ति तेज एवं एकाग्रता बेहतर होती है ।

4) किडनी के लिए लाभदायक

हमारे मानव शरीर में दो किडनी होती हैं और दोनों का ठीक प्रकार से काम करने से शरीर स्वस्थ रहता है ऐसे में गलत खान-पान या खराब जीवन शैली के कारण तमाम तरह के किडनी के रोग हो सकते हैं । जिनसे बचने के लिए आप प्राणायाम जैसी ब्रीथिंग एक्सरसाइज का सहारा ले सकते हैं । जिससे किडनी भी ठीक प्रकार से स्वस्थ रहती है ।

5) पाचन तंत्र के लिए

अगर आपको भी तमाम तरह की पाचन तंत्र से संबंधित समस्याएं हैं तो कपालभाती ( 5 Health Benefits of Kapalbhati Pranayam ) आपके लिए काफी कारगर साबित को सकता है क्योंकि इसके नियमित अभ्यास से एसिडिटी , गैस बनना और अपच जैसी स्थितियों सुधार देखा जा सकता है । यह पेट में कब्ज बनने वाली समस्याओं से भी राहत दिलाता है । लेकिन इन सब के साथ आपको अपने डाइट में भी काफी ध्यान देना होगा ।

कपालभाती प्राणायाम कैसे करें : Kapalbhati Pranayam Karne ki Vidhi

कपालभाती प्राणायाम के फायदे ( 5 Benefits of Kapalbhati Pranayam) तभी होंगे जब हम इसका अभ्यास बिल्कुल ठीक प्रकार से करेंगे । तो आईए कपालभाति प्राणायाम के फायदे को जानने के बाद विस्तारपूर्वक जानते हैं कि कपालभाति का अभ्यास कैसे करें ( Kapalbhati Pranayam Kaise Karen )
1) सबसे पहले किसी शांत जगह का चुनाव करें जहां किसी प्रकार का कोई शोर ना हो ।
2) अब जमीन पर कुछ बिछा के आरामदायक मुद्रा में बैठ जाएं ।
3) बैठते समय ध्यान रहे आपका सिर और रीढ की हड्डी बिल्कुल सीधी रहे और हाथ को ज्ञान मुद्रा ( Gyan Mudra ) में  घुटनों  पर रखें ।


4) अब आंखों को बंद करें और शरीर को बिल्कुल ढीला छोड़ दें ।
5) अब इसी मुद्रा में नाक से गहरी सांस ली और पेट को अंदर की ओर सिकोड़ते हुए सांस को छोड़े ।
6) ध्यान रहे सांस को छोड़ते समय शरीर पर किसी प्रकार का ज्योत ना लगे ।
7) अब इसी पूरी प्रक्रिया को 20 – 25 बार दोहराने का प्रयास करें ।

आप अधिक जानकारी के लिए इस वीडियो का सहारा ले सकते हैं:

कपालभाति प्राणायाम करते समय सावधानियां : Kapalbhati Pranayam Precautions

कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास ( Kapalbhati Pranayam Steps) तो सरल है लेकिन इसकी कुछ सावधानियां भी हैं जो हमें नहीं भूलनी चाहिए अन्यथा हमारे शरीर को क्षति भी पहुंच सकती है –
1) सांस लेते या छोड़ते समय तेजी ना करें ।
2) अगर कपालभाति मुद्रा में बैठते समय किसी प्रकार का शरीर में दर्द या दिक्कत हो तो तुरंत उठ जाएं ।
3) ध्यान रहे शरीर बिल्कुल शांत मुद्रा में हो ।  शरीर को इधर उधर हिलाने का प्रयास न करें ।
4) कपालभाति का अभ्यास भोजन करने के तुरंत बाद ना करें।
5) अब शरीर में किसी प्रकार की गंभीर बीमारी या चोट हो तो डॉक्टर के परामर्श के बाद ही इसका अभ्यास करें ।

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कपालभाति कितनी देर तक करना चाहिए : Kapalbhati Pranayam Kitne Time Karna Chahiye

इसका उत्तर है किसी के लिए अलग-अलग हो सकता है क्योंकि हर इंसान का स्वास्थ्य एक जैसा नहीं है । साथ ही सबका अभ्यास स्तर भी अलग है।
लेकिन आमतौर पर एक नए योग अभ्यासी को इसका अभ्यास ( Kapalbhati ki Vidhi ) शुरू में 5 मिनट तक करना चाहिए।
इसे अपने अभ्यास स्तर  के अनुसार इस 20 से 25 मिनट तक भी बढ़ाया जा सकता है । कपालभाति का अभ्यास एक बार में 50 क्रम से ज्यादा नहीं करना चाहिए  एवं पूरे दिन भर में इसे 3 बार से ज्यादा नहीं करना चाहिए ।
साथ ही इस बात का ध्यान रहे कि शरीर के साथ किसी भी प्रकार की जबरदस्ती ना करें ।

कपालभाती से किसे बचना चाहिए ?

कपालभाति प्राणायाम के अभ्यास ( Kapalbhati Steps ) से उन मरीजों को बचाना चाहिए जिन हैं हर्निया या हृदय संबंधित बीमारियां हो । साथ ही जिन्हें उच्च रक्तचाप और चक्कर आने की समस्या हो उन्हें कपालभाति के अभ्यास से बचना चाहिए ।

कपालभाती से वजन कम करने में कितना समय लगता है ?

कपालभाति प्राणायाम हमें खाली पेट करने से ज्यादा लाभ ( 5 Health Benefits of Kapalbhati Pranayam ) होता है। अगर हम कपालभाति का अभ्यास नियमित रूप से 15 से 20 मिनट रोजाना 1 से 2 हफ्ते करते हैं तो हमारे वजन में कुछ घट सकता है । इन सब के साथ आपको अपने डाइट में भी काफी ध्यान देना होगा ।

FAQ :

कपालभाति प्राणायाम कैसे किया जाता है ?

कपालभाति प्राणायाम सांस को नाक से अंदर लेते हुए एवं पेट को अंदर की ओर धकेलते हुए सांस को छोड़ना होता है । इसको कुछ मिनट तक लगातार करना होता है।

कपालभाती अभ्यास का मुख्य चिकित्सा लाभ क्या है?

कपालभाति अभ्यास का मुख्य चिकित्सा लाभ है जैसे वजन कम करना , ब्लड सर्कुलेशन ठीक करना ,  दिमाग शांत रखना , एकाग्रता में बढ़ावा साथ ही साथ पाचन तंत्र को मजबूत बनाना आदि शामिल है।

क्या हम कपालभाति से सभी तरह के रोगों को ठीक कर सकते हैं?

ऐसा कहा जाता है कि कपालभाति के अभ्यास से 100 से भी अधिक बीमारियों को ठीक करने में मदद मिलती है। इसीलिए इसे हम जीवन की संजीवनी के रूप में भी जानते हैं ।

कपालभाति का अभ्यास कितने मिनट तक करना चाहिए ?

इसका अभ्यास हमें शुरू में 5 मिनट और अधिक से अधिक 30 मिनट तक करना चाहिए । अभ्यास के दौरान किसी भी प्रकार का शरीर पर दबाव न डालने का प्रयास होना चाहिए ।

कपालभाति प्राणायाम कितने प्रकार के होते हैं?

कपालभाति प्राणायाम मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं जो इस प्रकार हैं :
1) वातक्रम
2) व्युत्क्रम
3) शीतक्रम

Conclusion : सारांश

एक स्वस्थ जीवन के लिए शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी होता है जो की कपालभाति प्राणायाम के अभ्यास( Kapalbhati Pranayam Steps in Hindi) से इसे हासिल किया जा सकता है। इस प्राणायाम के अनेकों लाभ हैं जिसे हम आगे आने वाले जीवन को काफी सरल एवं स्वस्थ बना सकते हैं।  इसे हमें दिनचर्या में कुछ समय जरूर देना  क्योंकि यह काफी सरल एवं  सैकड़ो बीमारियों को कम करने में मदद करता है ।


हमें आशा है हमारा यह लेख कपालभाति के फायदे ( 5 Health Benefits of Kapalbhati Pranayam) आपको पसंद आए होंगे। अगर आपको किसी भी प्रकार का सवाल पूछना हो या फिर अपनी राय देनी हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं। हमसे जुड़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया पेज को आप फॉलो कर सकते हैं।

Disclaimer :

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं और किसी भी स्वास्थ्य संबंधी सलाह की जगह नहीं है। ज्ञानी वेब इसकी पुष्टि नहीं करता। किसी भी चिकित्सा निर्णय ,उपचार, डाइट इत्यादि का निर्णय लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें ।

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